मेरठ संवाददाता एन 20 न्यूज
मेरठ। कांवड़ लेने के लिए घर से निकला दिल्ली निवासी 14 वर्षीय बालक पंकज गुम होने के बाद घायल अवस्था में मेरठ के सुभारती अस्पताल में भर्ती मिला। थाना जानी प्रभारी गौरव विश्नोई की सतर्कता, तत्परता और संवेदनशील पहल के चलते पुलिस ने सोशल मीडिया पर प्रसारित गुमशुदगी की सूचना का अस्पताल में भर्ती अज्ञात बालक के फोटो व हुलिये से मिलान कराया, जिसके बाद बालक की पहचान हो सकी।जानकारी के अनुसार बुराड़ी, दिल्ली निवासी मीनाक्षी का 14 वर्षीय पुत्र पंकज कांवड़ लेने के लिए घर से निकला था, लेकिन इसके बाद वह लापता हो गया। परिजनों ने उसकी काफी तलाश की। इसी दौरान एक मीडिया हाउस ने सोशल मीडिया के माध्यम से बालक की गुमशुदगी की सूचना प्रसारित की।सूचना का संज्ञान लेते हुए वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने बालक की तलाश के निर्देश दिए। जानी थाना प्रभारी गौरव विश्नोई ने मामले को गंभीरता से लेते हुए अपनी टीम को सक्रिय किया। पुलिस ने जांच के दौरान पाया कि छह अगस्त को एनएच-58 पर एक 14 वर्षीय अज्ञात बालक घायल और बेहोशी की हालत में मिला था, जिसे एक युवक द्वारा उपचार के लिए सुभारती अस्पताल में भर्ती कराया गया था।बालक के बेहोश होने के कारण उसकी पहचान नहीं हो पा रही थी। जानी पुलिस ने अस्पताल में भर्ती अज्ञात बालक के फोटो और हुलिये का सोशल मीडिया पर प्रसारित पंकज की गुमशुदगी संबंधी फोटो व हुलिये से मिलान किया। मिलान के बाद दोनों के एक ही होने की संभावना सामने आई।इसके बाद पुलिस ने वरिष्ठ अधिकारियों के माध्यम से बालक के परिजनों से संपर्क कराया। अस्पताल पहुंचे परिजनों ने घायल अवस्था में भर्ती बालक की पहचान अपने 14 वर्षीय पुत्र पंकज के रूप में की।बालक के सकुशल मिलने पर परिजनों ने थाना जानी प्रभारी गौरव विश्नोई एवं पुलिस टीम की तत्परता, संवेदनशीलता और मानवीय कार्यशैली की सराहना की। परिजनों ने कहा कि पुलिस द्वारा समय रहते अस्पताल में भर्ती अज्ञात बालक की पहचान के प्रयास और गुमशुदगी की सूचना से उसका मिलान किए जाने से उनका पुत्र सकुशल उनके पास पहुंच सका।थाना जानी पुलिस की इस तत्परता की स्थानीय स्तर पर भी सराहना की जा रही है।



