अवैध मीट की दुकान दोबारा संचालित होने का भी लगाया आरोप, निष्पक्ष जांच और सुरक्षा की मांग
मेरठ संवाददाता एन 20 न्यूज
सरधना। थाना क्षेत्र के रोहटा निवासी एक फल विक्रेता ने क्षेत्राधिकारी (सीओ) सरधना को शिकायती पत्र देकर कुछ लोगों पर दुकान हटाने का दबाव बनाने, घर में घुसकर अभद्रता करने, जान से मारने की धमकी देने और फर्जी मुकदमे में फंसाने की साजिश रचने का आरोप लगाया है। पीड़ित ने मामले की निष्पक्ष जांच, परिवार की सुरक्षा और आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की है। रोहटा निवासी फल विक्रेता असलम पुत्र बाबू भारतीय किसान यूनियन किसान क्रांति के तहसील अध्यक्ष जावेद कुरैशी के साथ सीओ कार्यालय पहुंचे। शिकायत में उन्होंने बताया कि 30 जून 2026 की शाम करीब चार बजे शौकीन पुत्र यूसुफ और गुलजार पुत्र यूसुफ उनके घर पहुंचे और फल की दुकान अपने घर के सामने से हटाने का दबाव बनाया। विरोध करने पर दोनों ने कथित रूप से गाली-गलौज करते हुए जान से मारने की धमकी दी।पीड़ित का आरोप है कि कुछ देर बाद आरोपित अपने अन्य परिजनों के साथ उनकी फल की दुकान पर पहुंच गए, जहां दोबारा विवाद हुआ। शोर-शराबा सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और बीच-बचाव कर मामला शांत कराया। असलम का कहना है कि जाते समय भी आरोपित गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी देकर चले गए। घटना के समय दुकान पर परवेज पुत्र असलम, दानिश पुत्र असलम, तालिब पुत्र मोमीन और मोहसिन पुत्र इकराम मौजूद थे। शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि विवाद के बाद आरोपित पक्ष ने अपने ही एक परिजन को चोट पहुंचाकर उनके खिलाफ फर्जी मुकदमा दर्ज कराने की साजिश रची है। इसके अलावा असलम ने आरोप लगाया कि गुलजार द्वारा अवैध रूप से मुर्गा काटने की दुकान दोबारा संचालित की जा रही है। उनका कहना है कि इस दुकान का पहले भी बजरंग दल और भाजपा कार्यकर्ताओं ने विरोध किया था, जिसके बाद कानून-व्यवस्था की स्थिति को देखते हुए सीओ के निर्देश पर दुकान बंद करा दी गई थी। अब चौकी स्तर पर मिलीभगत कर दुकान दोबारा चलाए जाने का आरोप लगाया गया है।पीड़ित ने शिकायत में कहा कि मंदिर के सामने अवैध मीट की दुकान संचालित होने से क्षेत्र का माहौल खराब होने की आशंका बनी हुई है। उन्होंने सीओ सरधना से अवैध दुकान को बंद कराने, पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई करने तथा उनके परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है।
