तबादला रद्द होने तक आंदोलन की चेतावनी, बोलीं- आरोपों के साक्ष्य सार्वजनिक किए जाएं
मेरठ संवाददाता एन 20 न्यूज
सरूरपुर। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) सरूरपुर में प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. राघो सिंह के तबादले को लेकर शुरू हुआ विवाद अब तूल पकड़ता जा रहा है। डॉ. राघो सिंह के समर्थन में आशा कार्यकर्ताओं का धरना बुधवार को लगातार तीसरे दिन भी जारी रहा। सुबह से शाम तक आशाएं सीएचसी परिसर में बैठीं रहीं और स्वास्थ्य विभाग के खिलाफ नारेबाजी कर विरोध जताया। आशाओं ने साफ चेतावनी दी कि जब तक तबादला निरस्त नहीं किया जाता और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच नहीं होती, आंदोलन जारी रहेगा।आशा कार्यकर्ताओं का कहना है कि सीएचसी प्रभारी पर लगाए गए आरोपों की सच्चाई सामने आनी चाहिए। उनका आरोप है कि डॉ. राघो सिंह को हटाने की कार्रवाई शिकायत के आधार पर की गई, लेकिन आरोपों से संबंधित साक्ष्य सार्वजनिक नहीं किए गए। उन्होंने मांग की कि शिकायतकर्ता और संबंधित जनप्रतिनिधि आरोपों के प्रमाण सामने रखें, ताकि मरीजों और स्वास्थ्यकर्मियों के बीच स्थिति स्पष्ट हो सके।शिकायत के बाद हुआ था तबादलाबताया गया कि करीब एक माह पहले ब्लॉक प्रमुख मनोज चौहान ने सीएचसी प्रभारी डॉ. राघो सिंह की शिकायत करते हुए मुख्य चिकित्सा अधिकारी को पत्र भेजा था। इसके बाद स्वास्थ्य विभाग ने डॉ. राघो सिंह का तबादला मेरठ छावनी स्थित हेल्थ पोस्ट पर कर दिया। वहीं हेल्थ पोस्ट पर तैनात डॉ. अश्वनी कुमार को सरूरपुर सीएचसी का प्रभारी बनाने के आदेश जारी किए गए।खास बात यह है कि तबादला आदेश के बाद भी दोनों चिकित्सक अभी तक एक-दूसरे की जगह चार्ज नहीं ले सके हैं। इसी बीच सोमवार से आशा कार्यकर्ताओं ने डॉ. राघो सिंह के समर्थन में सीएचसी परिसर में धरना शुरू कर दिया।एएनएम पर भी कार्रवाई की मांगआशाओं ने सीएमओ को दिए ज्ञापन में सीएचसी में तैनात रही एक एएनएम पर भी आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि संबंधित एएनएम सोशल मीडिया के जरिए सीएचसी की छवि खराब करने का काम कर रही है। आशाओं ने स्वास्थ्य विभाग से आरोपों की जांच कराने के साथ संबंधित स्वास्थ्यकर्मी के खिलाफ सख्त कार्रवाई और सेवा से बर्खास्त करने की मांग की है।तीसरे दिन भी अधिकारियों की ओर से धरनारत आशाओं से वार्ता नहीं होने से नाराजगी बनी रही। आशाओं ने कहा कि मांगों पर सुनवाई नहीं हुई तो आंदोलन को आगे भी जारी रखा जाएगा।



