हौसले हमारे चट्टान हैं, ये ज़ुल्म से पिघल नहीं सकते,खरीद सको तुम जिसे, हम वो ईमान नहीं हो सकते।लिखेंगे लहू से भी सच, अगर कलम पर पहरा लगाओगे,हम चौथे स्तंभ के सिपाही हैं, किसी माफिया से डर नहीं सकते।
मेरठ संवाददाता एन 20 न्यूज
मेरठ। क्षेत्र में फल-फूल रहे अवैध खनन के काले साम्राज्य और माफियाओं की गुंडागर्दी के खिलाफ सच लिखना एक पत्रकार को इस कदर भारी पड़ेगा, इसका अंदाजा शायद खाकी और प्रशासन को भी नहीं था। लेकिन हस्तिनापुर में निर्भीक पत्रकार कुलदीप भारद्वाज पर हुए कातिलाना हमले, अपहरण और लूट की वारदात ने अब एक बड़े जनांदोलन का रूप ले लिया है। इस कायराना हरकत के खिलाफ मंगलवार को पत्रकार समाज अपनी पूरी ताकत और एकजुटता के साथ सड़कों पर उतर आया। उत्तर प्रदेश एसोसिएशन ऑफ जर्नलिस्ट्स (उपज) के नेतृत्व में सैकड़ों की तादाद में आक्रोशित पत्रकारों ने हस्तिनापुर थाने का घेराव किया। पत्रकारों के तीखे तेवरों और भारी दवाब के आगे सहमे प्रशासन को आखिरकार घुटने टेकने पड़े और जल्द से जल्द आरोपियों को सलाखों के पीछे भेजने का लिखित आश्वासन देना पड़ा।सच्चाई की आवाज दबाने के लिए रचा गया खौफनाक खेल।पत्रकार कुलदीप भारद्वाज क्षेत्र में सक्रिय अवैध खनन माफियाओं के और जनता से जुड़े मुद्दों को लगातार बेबाकी से उजागर कर रहे थे। इसी सच की मार से बौखलाए अपराधियों ने बीती 8 जून 2026 की रात को एक खौफनाक और सुनियोजित साजिश को अंजाम दिया था।खाकी की कार्रवाई पर गंभीर सवाल।अपराधियों ने बीच रास्ते से पत्रकार का अपहरण किया, बंधक बनाकर उन्हें लहूलुहान होने तक पीटा, जान से मारने की धमकी दी और नकदी भी लूट ली। हैरत की बात यह है कि संगीन धाराओं में मुकदमा दर्ज होने के बावजूद, पुलिस की ढीली कार्यप्रणाली के कारण मुख्य आरोपी खुलेआम घूम रहे हैं और पीड़ित परिवार खौफ के साए में जीने को मजबूर है।पीड़ित को ही बदनाम करने की साजिश!प्रदर्शनकारी पत्रकारों ने बेबाकी से यह मुद्दा उठाया कि अपनी जान बचाने के लिए आरोपी पक्ष अब सोशल मीडिया पर भ्रामक शिकायतें और दुष्प्रचार फैलाकर पीड़ित पत्रकार की सामाजिक और पेशेवर छवि को धूमिल करने की गंदी चाल चल रहा है। संगठन ने दो टूक शब्दों में प्रशासन को अल्टीमेटम दिया ।चौथे स्तंभ पर वार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा जिलाध्यक्ष यह हमला सिर्फ कुलदीप भारद्वाज पर नहीं, बल्कि लोकतंत्र के चौथे स्तंभ की छाती पर वार है। अगर सच लिखने वाले हाथों को तोड़ने की कोशिश की जाएगी, तो पूरा पत्रकार समाज ईंट से ईंट बजा देगा। अगर समय रहते कार्रवाई नहीं हुई, तो यह आंदोलन मेरठ से लेकर लखनऊ तक गूंजेगा।अजय चौधरी। जिलाध्यक्ष (उपज) पत्रकार संगठन मेरठपत्रकारो की एक जूटता के सामने बैकफुट पर आया प्रशासन।पत्रकारों के इस उग्र रूप के सामने पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी पूरी तरह बैकफुट पर नजर आए। थाने के घेराव व हंगामा बढ़ता देख थाना प्रभारी लाला राम शर्मा ने पहुंचकर धरला स्थल पर पहुंचकर पत्रकारों को आश्वस्त किया कि पुलिस की टीमें लगातार दबिश दे रही हैं और फरार आरोपियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। वहीं, नायब तहसीलदार सचिन चौधरी ने भी अवैध खनन के काले धंधे पर कड़ा प्रहार करने का भरोसा दिलाया। इस दौरान ग्रामीण पत्रकार एसोसिएशन के महामंत्री दीपक वर्मा, राजन सोनकर, ग्रामीण आंचलिक पत्रकार एसोसिएशन के रजनीश विश्वकर्मा, प्रवेश, अजय ठाकुर सहित ‘उपज’ संगठन के मदनपाल गौतम, खालिद इकबाल, अनीश खान, फरमान खान, नीरज तोमर, राजदीप त्यागी, सलीम सैफी, आरिफ कुरैशी, रविश, सचिन कश्यप, रितेंद्र, संचित अरोड़ा, इसरार अंसारी, गौरव सैनी, शाहरुख चौधरी, रिजवान अहमद और आसिम सहित सैंकड़ों निर्भीक पत्रकार मैदान में डटे रहे।
