मेरठ संवाददाता एन 20 न्यूज
मेरठ।मंगलवार को सरधना नगर में सुबह से शुरू हुई बारिश ने कुछ ही देर में मूसलाधार रूप ले लिया। दिनभर रुक-रुक कर हुई बारिश से जहां भीषण गर्मी और उमस से लोगों को बड़ी राहत मिली, वहीं दूसरी ओर नगर के अधिकांश हिस्से जलमग्न हो गए। सड़कों पर कई फुट तक पानी भर जाने से जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ और नगर पालिका की जल निकासी व्यवस्था की हकीकत एक बार फिर सामने आ गई।सुबह से शुरू हुई बारिश के चलते नगर के मुख्य मार्गों, बाजारों और आवासीय क्षेत्रों में पानी भर गया। दोपहर तक कई स्थानों पर सड़कें तालाब जैसी दिखाई देने लगीं। जलभराव के कारण राहगीरों, दुकानदारों और वाहन चालकों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। कई दोपहिया और चारपहिया वाहन पानी में बंद हो गए, जिसके बाद वाहन चालकों को उन्हें धक्का लगाकर बाहर निकालना पड़ा। बारिश तेज होने के साथ मौसम पूरी तरह बदल गया। लगातार हो रही बारिश से तापमान में गिरावट दर्ज की गई, जिससे कई दिनों से भीषण गर्मी और उमस से परेशान लोगों ने राहत महसूस की। नगर में जलभराव की समस्या ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दीं।बारिश का सबसे अधिक असर तहसील रोड, बस स्टैंड क्षेत्र, रामलीला रोड, कबाड़ी बाजार, राम तलैया क्षेत्र, जोगियान, पांडू शिला रोड सहित कई प्रमुख मार्गों और मोहल्लों में देखने को मिला। कई स्थानों पर पानी दुकानों और घरों के बाहर तक पहुंच गया। दुकानदारों को सामान सुरक्षित करने में मशक्कत करनी पड़ी, जबकि राहगीरों को घुटनों तक भरे पानी से होकर गुजरना पड़ा।स्थानीय लोगों का कहना है कि सरधना में जलभराव की समस्या कोई नई नहीं है। हर बार बरसात के दौरान हल्की बारिश भी नगर को जलमग्न कर देती है। लोगों के अनुसार इसका मुख्य कारण नालों और नालियों की समय पर सफाई न होना है। मेरठ रोड स्थित मुख्य नाला लंबे समय से गंदगी, सिल्ट और कचरे से अटा पड़ा है, जिसके कारण बारिश का पानी तेजी से निकल नहीं पाता और सड़कों पर भर जाता है।क्षेत्रवासियों ने यह भी आरोप लगाया कि नगर में बड़ी संख्या में संचालित डेयरियों से निकलने वाला गोबर खुलेआम नालियों में बहा दिया जाता है। इससे नालियां बार-बार चोक हो जाती हैं और जल निकासी पूरी तरह बाधित हो जाती है। लोगों का कहना है कि नगर पालिका प्रशासन और डेयरी संचालकों के बीच इस समस्या के स्थायी समाधान के लिए अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है।बारिश का असर बस स्टैंड स्थित पुलिस चौकी पर भी देखने को मिला। चौकी परिसर में पानी भर जाने से पुलिसकर्मियों को ड्यूटी करने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। वहीं अपनी शिकायत लेकर पहुंचने वाले लोगों को भी पानी से होकर चौकी तक जाना पड़ा।नगरवासियों का कहना है कि यदि बरसात से पहले नालों और नालियों की प्रभावी सफाई करा दी जाती और जल निकासी की व्यवस्था दुरुस्त होती, तो हर बार बारिश से होने वाली इस समस्या से काफी हद तक बचा जा सकता था।स्थानीय नागरिकों ने नगर पालिका प्रशासन से मांग की है कि बरसात के मौसम को देखते हुए मुख्य नालों और नालियों की तत्काल सफाई कराई जाए। साथ ही डेयरियों से निकलने वाले गोबर के वैज्ञानिक एवं उचित निस्तारण की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि भविष्य में हर बारिश के बाद नगर को जलभराव की गंभीर समस्या का सामना न करना पड़े। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए गए तो आगामी दिनों में होने वाली बारिश से स्थिति और भी गंभीर हो सकती है।
