मेरठ संवाददाता एन 20 न्यूज
मेरठ। भारतीय किसान यूनियन (बीआर अंबेडकर) के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. दिविजय सिंह भाटी और उनके साथी मोहित जाटव के साथ पुलिस हिरासत में कथित बर्बरता और ‘थर्ड डिग्री’ दिए जाने के आरोपों को लेकर संयुक्त गुर्जर परिषद ने मोर्चा खोल दिया है। परिषद ने पूरे प्रकरण की निष्पक्ष न्यायिक जांच कराने और दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।परिषद की ओर से 23 अगस्त को जारी प्रेस विज्ञप्ति में आरोप लगाया गया कि 19 अगस्त को पुलिस हिरासत में डॉ. भाटी और उनके साथी के साथ मारपीट की गई। परिषद के अनुसार, डॉ. भाटी को गंभीर चोटें आई हैं। आरोप यह भी लगाया गया कि घटना को स्कूटी दुर्घटना का रूप देकर मामले को दबाने का प्रयास किया गया। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।परिषद का कहना है कि मामले में पुलिस पर ही गंभीर आरोप लगाए गए हैं, ऐसे में जांच पुलिस विभाग से कराने के बजाय किसी कार्यरत या सेवानिवृत्त न्यायिक अधिकारी से कराई जानी चाहिए। परिषद ने एसएसपी और एसओजी कार्यालय के सीसीटीवी फुटेज, एंट्री-एग्जिट रजिस्टर, ड्यूटी चार्ट, संबंधित पुलिसकर्मियों की लोकेशन और मूवमेंट डाटा तथा मेडिकल रिपोर्ट को सुरक्षित कर जांच में शामिल करने की मांग की है।
पांच मांगें रखीं
परिषद ने जांच पूरी होने तक संबंधित पुलिसकर्मियों को उनके पद और जिम्मेदारियों से अलग रखने, मामले में तत्काल एफआईआर दर्ज करने और डॉ. दिविजय सिंह भाटी व उनके साथी के खिलाफ किसी भी तरह का प्रशासनिक दबाव या बदले की कार्रवाई नहीं करने की मांग की है।परिषद ने कहा कि अपराध सिद्ध करना और सजा देना अदालत का काम है। पुलिस को हिरासत में किसी व्यक्ति के साथ अमानवीय व्यवहार करने का अधिकार नहीं है। परिषद ने चेतावनी दी कि यदि मामले में शीघ्र और पारदर्शी कार्रवाई नहीं हुई तो पश्चिमी उत्तर प्रदेश में व्यापक लोकतांत्रिक आंदोलन शुरू किया जाएगा।बैठक और प्रेस कॉन्फ्रेंस में भोपाल सिंह गुर्जर, वीरेंद्र सिंह, ई. जगदीश पूठा समेत परिषद के कई पदाधिकारी और सदस्य मौजूद रहे।



