मेरठ संवाददाता एन 20 न्यूज
मेरठ। मेरठ बागपत रोड स्थित गांव पांचली खुर्द एवं आसपास के ग्रामीणों ने मंगलवार को जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर क्षेत्र में संचालित एक पेपर मिल से फैल रहे कथित वायु, जल और ध्वनि प्रदूषण पर गंभीर चिंता जताई। ग्रामीणों ने पर्यावरणीय मानकों की निष्पक्ष जांच कराकर दोषी पाए जाने पर संबंधित पेपर मिल के खिलाफ सख्त कार्रवाई तथा आवश्यकता पड़ने पर उसका संचालन बंद कराने की मांग की।ग्रामीणों का आरोप है कि पेपर मिल से निकलने वाले धुएं और दूषित जल का असर आसपास के गांवों, कॉलोनियों, कृषि भूमि और लोगों के स्वास्थ्य पर पड़ रहा है। उनका कहना है कि प्लास्टिक एवं अन्य मिश्रित कचरा जलाए जाने से प्रदूषण और बढ़ रहा है। साथ ही क्षेत्र में कैंसर, अस्थमा, एलर्जी सहित अन्य गंभीर बीमारियों के मामलों की भी निष्पक्ष जांच कराने की मांग उठाई गई। ज्ञापन में ध्वनि प्रदूषण और पेपर मिल में आने-जाने वाले भारी वाहनों से बागपत रोड पर लगने वाले जाम व सड़क दुर्घटनाओं का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया गया। ग्रामीणों ने ट्रकों के लिए अलग पार्किंग व्यवस्था और यातायात नियमों का सख्ती से पालन सुनिश्चित कराने की मांग की।ग्रामीणों की ओर से जयराज चपराना ने कहा कि यदि प्रशासन समय रहते प्रभावी कार्रवाई नहीं करता है तो क्षेत्रवासी पेपर मिल पर ताला बंदी करने को मजबूर होंगे।ग्रामीणों ने जिलाधिकारी से उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, स्वास्थ्य विभाग और जिला प्रशासन की संयुक्त टीम से उच्चस्तरीय जांच कराने तथा पर्यावरणीय नियमों के उल्लंघन की पुष्टि होने पर कानून के अनुसार कठोर कार्रवाई करने की मांग की। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि समयबद्ध कार्रवाई नहीं हुई तो क्षेत्रवासी लोकतांत्रिक एवं शांतिपूर्ण आंदोलन जारी रखेंगे।ज्ञापन सौंपने वालों में सपा नेता जयराज चपराना धर्मेंद्र चपराना, आयुष चपराना, उपदेश राणा, संजू प्रधान, काजू शर्मा, जितेंद्र कुमार, संतरपाल, प्रमोद राणा, गौरव शर्मा, अवनीश कुमार, रॉकी वाल्मीकि, मोनू कुमार सहित अन्य ग्रामीण मौजूद रहे।



