अनीस संवाददाता एन 20 न्यूज
मेरठ। राष्ट्रीय राजमार्ग बाईपास स्थित श्री वेंकटेश्वरा विश्वविद्यालय/संस्थान में “नारी शक्ति वंदन अधिनियम विकसित भारत के लिए जरूरी या नहीं” विषय पर एकदिवसीय संगोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में उपस्थित वक्ताओं ने एक स्वर में कहा कि यह अधिनियम केवल महिला सशक्तिकरण ही नहीं, बल्कि विकसित भारत के निर्माण के लिए भी मील का पत्थर साबित होगा।संगोष्ठी का शुभारंभ प्रतिकुलाधिपति डॉ. राजीव त्यागी, कुलपति प्रो. कृष्ण कान्त दवे, जिला उपाध्यक्ष शुभम चौधरी, डॉ. नीतू पंवार सहित अन्य गणमान्य अतिथियों ने मां सरस्वती की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित कर किया।संस्थान के संस्थापक अध्यक्ष सुधीर गिरि ने कहा कि आज देश के सर्वोच्च संवैधानिक पद राष्ट्रपति और उत्तर प्रदेश के राज्यपाल पद पर मातृशक्ति का आसीन होना इस बात का प्रमाण है कि यदि नारी शक्ति वंदन अधिनियम देश और राज्यों में पूरी तरह लागू हो जाता है, तो यह विकसित भारत में महिलाओं के वर्चस्व का सबसे मजबूत स्तंभ बनेगा।प्रतिकुलाधिपति डॉ. राजीव त्यागी ने अपने संबोधन में कहा कि भारत में सदियों से महिलाओं का सम्मान सर्वोपरि रहा है, लेकिन देश की आधी आबादी होने के बावजूद संवैधानिक संस्थाओं में उनका प्रतिनिधित्व बहुत कम है। कई संस्थानों में महिलाओं की भागीदारी 10 प्रतिशत से भी कम है, जो समानता के अधिकार का उल्लंघन है। उन्होंने कहा कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम लागू होने से महिलाओं की सामाजिक, आर्थिक, स्वास्थ्य और शैक्षणिक स्थिति में सकारात्मक परिवर्तन आएगा।कुलपति प्रो. कृष्ण कान्त दवे ने कहा कि राष्ट्रवादी स्वयंसेवी संस्थाओं और शैक्षणिक संस्थानों के माध्यम से नारी शक्ति वंदन अधिनियम के समर्थन में जनजागरूकता अभियान चलाया जाएगा। जिला उपाध्यक्ष शुभम चौधरी ने कहा कि हमें जातिवाद, क्षेत्रवाद, धर्म और संप्रदाय से ऊपर उठकर विकसित भारत निर्माण के लिए नारी शक्ति वंदन अधिनियम को लागू कराने के लिए एकजुट होना होगा।कार्यक्रम में डॉ. सुमन कुमारी, डॉ. स्नेहलता गोस्वामी, डॉ. आशिया वाहिद, डॉ. ज्योति सिंह, डॉ. अंजलि भारद्वाज, डॉ. मंजरी राणा, डॉ. रीना जोशी, डॉ. शिल्पा रैना, डॉ. प्रीति गुप्ता, डॉ. कोमोलिका, अनुषा कर्णवाल, मिस अंकुश, डॉ. शहजादी, डॉ. पंकज चौधरी, मीडिया प्रभारी विश्वास राणा सहित बड़ी संख्या में शिक्षक एवं छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।

