मेरठ संवाददाता एन 20 न्यूज
मेरठ। समाजवादी पार्टी के जिला नेतृत्व को लेकर पार्टी कार्यकर्ताओं और स्थानीय राजनीति में लगातार सवाल उठ रहे हैं। करीब तीन महीने पहले नई जिम्मेदारी संभालने के बाद भी संगठन को मजबूती देने और जनता के मुद्दों को प्रभावी ढंग से उठाने में नेतृत्व कमजोर नजर आ रहा है।स्थानीय कार्यकर्ताओं का आरोप है कि अब तक न तो जनता की समस्याओं को लेकर कोई बड़ा धरना-प्रदर्शन किया गया और न ही किसी गंभीर जनसमस्या पर मुखर होकर आंदोलन खड़ा किया गया। कार्यकर्ताओं का कहना है कि केवल सोशल मीडिया पर फोटो पोस्ट कर संगठन को सक्रिय दिखाने की कोशिश की जा रही है, जबकि जमीनी स्तर पर पार्टी की गतिविधियां लगभग ठप पड़ी हैं।सूत्रों के अनुसार, पार्टी के कई पुराने और सक्रिय कार्यकर्ता भी मौजूदा कामकाज से नाराज दिखाई दे रहे हैं। उनका मानना है कि संगठन में संवाद और समन्वय की कमी है, जिससे कार्यकर्ताओं का मनोबल प्रभावित हो रहा है।वहीं, जिले में पूर्व और वर्तमान नेतृत्व के समर्थकों के बीच गुटबाजी भी खुलकर सामने आ रही है। इस अंदरूनी खींचतान का सीधा असर पार्टी की मजबूती पर पड़ रहा है, जिससे मेरठ में समाजवादी पार्टी की स्थिति कमजोर होती दिखाई दे रही है।राजनीतिक जानकारों का कहना है कि यदि जल्द ही संगठनात्मक स्तर पर सक्रियता नहीं बढ़ाई गई और कार्यकर्ताओं की नाराजगी दूर नहीं की गई, तो आने वाले चुनावों में इसका असर पार्टी के प्रदर्शन पर साफ दिखाई दे सकता है।

