मेरठ संवाददाता एन 20 न्यूज
मेरठ। त्योहारों और आम दिनों में मिठाइयों की बढ़ती मांग के बीच मेरठ के जानी कस्बे में मिलावटी मिठाइयों की बिक्री का आरोप सामने आया है। कस्बे की कई मिठाई की दुकानों पर कथित रूप से बर्फी, रसगुल्ले बतीसा समेत विभिन्न प्रकार की मिठाइयां खुलेआम बेची जा रही हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि इन मिठाइयों की गुणवत्ता को लेकर खाद्य सुरक्षा विभाग द्वारा पर्याप्त निगरानी नहीं की जा रही है।बताया जा रहा है कि सरधना तहसील क्षेत्र के पांचली बुजुर्ग, जैनपुर और जसड़ा बनकर तैयार मिठाइयां जानी कस्बे की दुकानों तक पहुंच रही हैं। लोगों का कहना है कि बिना उचित गुणवत्ता जांच के मिठाइयों की बिक्री उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य के लिए चिंता का विषय है। आरोप है कि कुछ दुकानों पर लंबे समय से मिठाइयों की बिक्री हो रही है, लेकिन खाद्य विभाग की ओर से नियमित सैंपलिंग और जांच दिखाई नहीं दे रही। स्थानीय लोगों का कहना है कि खाद्य विभाग समय-समय पर छापेमारी और कार्रवाई के दावे जरूर करता है, लेकिन जानी कस्बे में मिठाई की दुकानों पर प्रभावी कार्रवाई क्यों नहीं हो रही, यह बड़ा सवाल बना हुआ है। लोगों ने विभाग से मांग की है कि जानी कस्बे की सभी प्रमुख मिठाई दुकानों का औचक निरीक्षण कर मिठाइयों के नमूने लिए जाएं और उन्हें प्रयोगशाला जांच के लिए भेजा जाए। मामले में जब खाद्य विभाग के फूड इंस्पेक्टर सत्येंद्र सिंह से बातचीत की गई तो उन्होंने कहा कि विभाग लगातार कार्रवाई कर रहा है और मिलावट के खिलाफ अभियान चलाया जा रहा है। हालांकि, जानी कस्बे की संबंधित मिठाई दुकानों पर कार्रवाई के सवाल पर वह कोई स्पष्ट और संतोषजनक जवाब नहीं दे सके। इस पूरे मामले ने खाद्य सुरक्षा विभाग की निगरानी व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों ने सवाल उठाया है कि यदि विभाग लगातार कार्रवाई कर रहा है तो जानी कस्बे में कथित मिलावटी मिठाइयों की बिक्री पर प्रभावी रोक क्यों नहीं लग पा रही।



