मेरठ संवाददाता एन 20 न्यूज
मेरठ। श्रावण कांवड़ यात्रा के दौरान मेरठ में मानवता, त्वरित स्वास्थ्य सेवा और चिकित्सकों की सजगता का सराहनीय उदाहरण देखने को मिला। हरिद्वार से गंगाजल लेकर गाजियाबाद लौट रही एक गर्भवती कांवड़िया को रास्ते में अचानक प्रसव पीड़ा शुरू हो गई। सूचना मिलते ही 108 एंबुलेंस मौके पर पहुंची और महिला को तत्काल पांचली सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) पहुंचाया गया, जहां सुरक्षित प्रसव कराकर जच्चा और बच्चे दोनों की जान बचा ली गई।जानकारी के अनुसार, गाजियाबाद के भोपुरा निवासी मनीषा, पत्नी सोनू, अपने परिवार के साथ हरिद्वार से कांवड़ लेकर वापस लौट रही थीं। मेरठ के एनएच-58 स्थित वेदव्यासपुरी के पास पहुंचते ही उन्हें तेज प्रसव पीड़ा होने लगी, जिससे परिजनों में हड़कंप मच गया।सूचना मिलते ही 108 एंबुलेंस की टीम मौके पर पहुंची और प्राथमिक देखभाल देते हुए महिला को तुरंत पांचली सीएचसी पहुंचाया। अस्पताल में सीएचसी प्रभारी डॉ. विशाल अग्रवाल के नेतृत्व में चिकित्सकीय टीम पहले से तैयार थी। वहीं, मेरठ प्रांत सेवा भारती के स्वास्थ्य आयाम से जुड़े डॉ. तुषार सैनी ने भी प्रारंभिक उपचार में सहयोग किया।चिकित्सकों की तत्परता से कुछ ही समय बाद मनीषा ने एक स्वस्थ बच्चे को जन्म दिया। डॉक्टरों के अनुसार समय पर अस्पताल पहुंचने और तत्काल उपचार मिलने से प्रसव पूरी तरह सुरक्षित रहा। फिलहाल जच्चा और नवजात दोनों स्वस्थ हैं और चिकित्सकीय निगरानी में हैं।घटना के बाद परिजनों ने 108 एंबुलेंस सेवा, स्वास्थ्य विभाग और चिकित्सकों का आभार व्यक्त किया। स्थानीय लोगों ने भी आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं की सराहना करते हुए कहा कि कांवड़ यात्रा जैसे विशाल आयोजन में ऐसी त्वरित चिकित्सा व्यवस्था श्रद्धालुओं के लिए किसी वरदान से कम नहीं है।यह घटना एक बार फिर साबित करती है कि समय पर मिली चिकित्सा सहायता और स्वास्थ्यकर्मियों की सजगता कई अनमोल जिंदगियों को सुरक्षित बचा सकती है।



