मेरठ संवाददाता एन 20 न्यूज
मेरठ। उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 को लेकर सिवालखास विधानसभा क्षेत्र में राजनीतिक गतिविधियां धीरे-धीरे तेज होने लगी हैं। समाजवादी पार्टी के संभावित प्रत्याशी को लेकर क्षेत्र में चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है। पार्टी की ओर से अभी किसी भी उम्मीदवार के नाम की आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है, लेकिन राजनीतिक गलियारों और स्थानीय स्तर पर तीन प्रमुख नाम सबसे अधिक चर्चा में हैं। इनमें मुस्लिम समाज से वसीम राजा, ब्राह्मण समाज से सीपी शर्मा उर्फ बबलू पंडित और जाट समाज से गौरव चौधरी को संभावित दावेदारों के रूप में देखा जा रहा है।क्षेत्र के लोगों का कहना है कि तीनों नेता पिछले काफी समय से विधानसभा क्षेत्र में लगातार सक्रिय हैं। सामाजिक, धार्मिक और जनसरोकार से जुड़े कार्यक्रमों में उनकी उपस्थिति लगातार देखने को मिल रही है। ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में जनसंपर्क अभियान के माध्यम से तीनों अपने-अपने समर्थक वर्ग को मजबूत करने में जुटे हैं। यही वजह है कि सिवालखास विधानसभा में समाजवादी पार्टी के टिकट को लेकर इन तीनों नामों की चर्चा सबसे अधिक हो रही है।राजनीतिक जानकारों का मानना है कि समाजवादी पार्टी इस बार उम्मीदवार चयन में केवल जातीय समीकरणों को ही नहीं, बल्कि संगठनात्मक सक्रियता, जनस्वीकार्यता, स्थानीय मुद्दों पर पकड़ और चुनाव जीतने की क्षमता जैसे पहलुओं को भी प्रमुखता दे सकती है। ऐसे में तीनों संभावित दावेदारों के सामने अपनी राजनीतिक मजबूती और जनाधार को और मजबूत करने की चुनौती बनी हुई है।समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री लगातार पीडीए (पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक) के सामाजिक समीकरण को मजबूत करने की बात कर रहे हैं। पार्टी नेतृत्व का दावा है कि इसी रणनीति के आधार पर वर्ष 2027 में उत्तर प्रदेश में सरकार बनाने का लक्ष्य रखा गया है। ऐसे में सिवालखास जैसी महत्वपूर्ण विधानसभा सीट पर उम्मीदवार चयन को लेकर पार्टी बेहद सावधानी से फैसला ले सकती है।सिवालखास विधानसभा का राजनीतिक इतिहास भी जातीय और सामाजिक समीकरणों के लिहाज से काफी महत्वपूर्ण माना जाता है। यहां मुस्लिम, जाट, ब्राह्मण, दलित और पिछड़े वर्ग के मतदाता चुनाव परिणामों को प्रभावित करने की क्षमता रखते हैं। यही कारण है कि समाजवादी पार्टी सहित सभी प्रमुख राजनीतिक दल इस सीट पर मजबूत और सर्वमान्य चेहरे की तलाश में हैं।हालांकि, यह स्पष्ट करना आवश्यक है कि समाजवादी पार्टी की ओर से अभी तक किसी भी नाम पर आधिकारिक मुहर नहीं लगी है। वर्तमान में जिन नामों की चर्चा हो रही है, वे स्थानीय राजनीतिक चर्चाओं और समर्थकों के दावों पर आधारित हैं। अंतिम निर्णय पार्टी बोर्ड करेगा। अब सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि समाजवादी पार्टी वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव में सिवालखास से किस चेहरे पर भरोसा जताकर चुनावी मैदान में उतारती है।



