मेरठ संवाददाता एन 20 न्यूज
मेरठ। जानी थाना क्षेत्र के नंदपुरा गांव के जंगल में गोवंश के अवशेष मिलने का मामला दो हफ्ते बाद भी अनसुलझा बना हुआ है। घटना के बाद हिंदू संगठनों और बजरंग दल कार्यकर्ताओं द्वारा किए गए जोरदार हंगामे के बावजूद पुलिस अब तक आरोपियों तक नहीं पहुंच सकी है, जिससे पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठने लगे हैं।करीब दो सप्ताह पहले नंदपुरा गांव के जंगल में तीन गायों के अवशेष मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई थी। सूचना मिलते ही बजरंग दल और अन्य हिंदू संगठन के कार्यकर्ता बड़ी संख्या में मौके पर पहुंच गए थे और जमकर विरोध प्रदर्शन किया था। करीब दो घंटे तक चले हंगामे के दौरान माहौल तनावपूर्ण बना रहा।घटना के समय तत्कालीन जानी थाना प्रभारी अखिलेश मिश्रा पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे थे और लोगों को समझाकर स्थिति को नियंत्रित किया था। बाद में पुलिस ने जेसीबी मशीन की मदद से गोवंश के अवशेषों को गड्ढा खोदकर दबवाया था।मामले में पुलिस द्वारा कई संदिग्धों से पूछताछ किए जाने की बात कही गई, लेकिन अब तक कोई गिरफ्तारी नहीं हो सकी है। क्षेत्रीय लोगों का कहना है कि इतनी गंभीर घटना के बावजूद पुलिस के हाथ खाली हैं, जिससे लोगों में नाराजगी बढ़ती जा रही है।भाजपा के जानी मंडल अध्यक्ष मनोज चौधरी ने कहा कि थाना प्रभारी बदलने के बाद भी पुलिस घटना का खुलासा करने में नाकाम नजर आ रही है। उन्होंने कहा कि हिंदू संगठन और बजरंग दल के कार्यकर्ता मामले को लेकर लगातार नाराज हैं।मनोज चौधरी ने बताया कि मामले को लेकर कल थाने में बैठकर पुलिस अधिकारियों से बातचीत की जाएगी। यदि जल्द ही घटना का खुलासा नहीं हुआ तो हिंदू संगठन और बजरंग दल के कार्यकर्ता थाना परिसर के अंदर पुलिस के खिलाफ धरना-प्रदर्शन करेंगे।सूत्रों के अनुसार पुलिस टीमें लगातार जांच का दावा कर रही हैं, लेकिन घटना को अंजाम देने वाले आरोपी अभी भी पुलिस की पकड़ से दूर हैं। वहीं हिंदू संगठन लगातार आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग कर रहे हैं और जल्द खुलासा नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी भी दे चुके हैं।पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की गंभीरता से जांच जारी है और जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर घटना का खुलासा किया जाएगा।

