मेरठ संवाददाता एन 20 न्यूज
मेरठ। सिवालखास विधानसभा क्षेत्र में समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता सीपी शर्मा उर्फ बबलू पंडित को बुधवार देर रात पुलिस द्वारा हाउस अरेस्ट किए जाने का मामला सामने आया है। समर्थकों का आरोप है कि पुलिस ने उन्हें 8 अक्टूबर को दिल्ली में प्रस्तावित धरने में शामिल होने से रोकने के उद्देश्य से घर से बाहर नहीं निकलने दिया। देर रात पुलिस की मौजूदगी के बाद क्षेत्र में यह मामला राजनीतिक चर्चा का विषय बन गया।बताया गया कि सीपी शर्मा उर्फ बबलू पंडित को दिल्ली में आयोजित होने वाले धरने में शामिल होना था। इसी बीच बुधवार देर रात पुलिस उनके आवास पर पहुंची और उन्हें घर से बाहर नहीं जाने दिया। समर्थकों का कहना है कि पुलिस की इस कार्रवाई के चलते वह प्रस्तावित धरने में शामिल नहीं हो सके।हाउस अरेस्ट की सूचना मिलने के बाद सीपी शर्मा के समर्थकों में नाराजगी देखने को मिली। समर्थकों का कहना है कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में किसी नेता को अपनी बात रखने और शांतिपूर्ण तरीके से विरोध दर्ज कराने का अधिकार है। उनका आरोप है कि पुलिस की कार्रवाई के जरिए सीपी शर्मा की राजनीतिक गतिविधियों को रोकने का प्रयास किया गया।समर्थकों ने कहा कि किसी व्यक्ति के कदम कुछ समय के लिए रोके जा सकते हैं, लेकिन उसकी आवाज को दबाया नहीं जा सकता। रास्ते बंद किए जा सकते हैं, लेकिन संघर्ष को कैद नहीं किया जा सकता। उनका कहना है कि सीपी शर्मा उर्फ बबलू पंडित लंबे समय से क्षेत्र के विभिन्न जनहित के मुद्दों को लेकर अपनी आवाज उठाते रहे हैं।समर्थकों ने कहा कि सीपी शर्मा की आवाज पहले भी बुलंद थी, आज भी बुलंद है और आगे भी बुलंद रहेगी। उन्होंने हाउस अरेस्ट की कार्रवाई को लेकर सवाल उठाते हुए कहा कि इस तरह की कार्रवाई से किसी नेता की राजनीतिक सक्रियता और जनहित के मुद्दों को लेकर उसके संघर्ष को समाप्त नहीं किया जा सकता।वहीं, हाउस अरेस्ट को लेकर पुलिस की ओर से तत्काल कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। पुलिस की आधिकारिक प्रतिक्रिया मिलने के बाद ही कार्रवाई के कारणों की स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो सकेगी। फिलहाल सीपी शर्मा को हाउस अरेस्ट किए जाने का मामला सिवालखास क्षेत्र में राजनीतिक चर्चा का विषय बना हुआ है।



