पुलिस लाइन्स में सेबी ने आयोजित किया वित्तीय जागरूकता कार्यक्रम, फर्जी निवेश योजनाओं और ऑनलाइन धोखाधड़ी से बचाव के बताए तरीके
मेरठ संवाददाता एन 20 न्यूज
मेरठ। साइबर अपराधों और वित्तीय धोखाधड़ी के बढ़ते मामलों के बीच मेरठ पुलिस लाइन्स स्थित सभागार में गुरुवार को भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) की ओर से साइबर एवं वित्तीय जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। विश्व निवेशक सप्ताह (World Investor Week-2026) के अवसर पर आयोजित इस कार्यक्रम में पुलिसकर्मियों को सुरक्षित निवेश, डिजिटल लेन-देन और साइबर अपराधों से बचाव के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारियां दी गईं।वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, मेरठ के निर्देशन में आयोजित कार्यक्रम में पुलिस अधीक्षक अपराध और क्षेत्राधिकारी साइबर/क्राइम की मौजूदगी रही। कार्यक्रम का उद्देश्य पुलिसकर्मियों को वित्तीय मामलों के प्रति जागरूक बनाने के साथ ही उन्हें ऑनलाइन धोखाधड़ी और संदिग्ध निवेश योजनाओं से बचाव के व्यावहारिक उपायों की जानकारी देना था।कार्यक्रम के दौरान पुलिसकर्मियों को समझाया गया कि किसी भी निवेश योजना में पैसा लगाने से पहले संबंधित संस्था, कंपनी या प्लेटफॉर्म की प्रामाणिकता और पंजीकरण की जांच करना आवश्यक है। अधिक मुनाफे का लालच देने वाली योजनाओं, फर्जी निवेश एप, संदिग्ध ऑनलाइन प्लेटफॉर्म और सोशल मीडिया के माध्यम से मिलने वाले निवेश प्रस्तावों से सतर्क रहने की सलाह दी गई। इसके साथ ही पोंजी स्कीम जैसी धोखाधड़ी वाली योजनाओं की पहचान और उनसे बचाव के तरीकों पर भी जानकारी साझा की गई।वित्तीय जागरूकता के तहत सुरक्षित निवेश के विकल्पों, जोखिम प्रबंधन, निवेशक संरक्षण और सेवानिवृत्ति की बेहतर योजना बनाने जैसे विषयों पर चर्चा की गई। पुलिसकर्मियों को बताया गया कि बिना पूरी जानकारी प्राप्त किए किसी भी योजना में निवेश करना आर्थिक नुकसान का कारण बन सकता है।साइबर सुरक्षा के संबंध में विशेष रूप से आगाह किया गया कि किसी अनजान व्यक्ति के साथ ओटीपी, पासवर्ड, बैंक खाते से जुड़ी जानकारी या अन्य गोपनीय विवरण साझा न करें। अज्ञात लिंक पर क्लिक करने से बचें और डिजिटल लेन-देन करते समय पूरी सावधानी बरतें। किसी संदिग्ध वित्तीय गतिविधि या धोखाधड़ी की जानकारी मिलने पर तत्काल संबंधित माध्यमों से शिकायत दर्ज कराने की आवश्यकता पर भी जोर दिया गया।पुलिस अधीक्षक अपराध और क्षेत्राधिकारी साइबर/क्राइम ने पुलिसकर्मियों को साइबर एवं वित्तीय अपराधों के बदलते तरीकों के प्रति लगातार जागरूक रहने की प्रेरणा दी। उन्होंने प्राप्त जानकारी को अपने दैनिक कार्यों में अपनाने के साथ-साथ आमजन को भी साइबर ठगी, वित्तीय धोखाधड़ी और सुरक्षित निवेश के प्रति जागरूक करने पर जोर दिया।कार्यक्रम में जनपद के विभिन्न थानों की साइबर हेल्प डेस्क से जुड़े पुलिसकर्मियों सहित विभिन्न शाखाओं के अधिकारी और कर्मचारी शामिल हुए। कार्यक्रम के माध्यम से पुलिसकर्मियों को स्वयं सुरक्षित रहने और आम नागरिकों को साइबर अपराधों से बचाने के लिए जागरूकता बढ़ाने का संदेश दिया गया।



