शौहिद सैफी संवाददाता एन 20 न्यूज
परीक्षितगढ़- गांव आलमगिर पुर बढ़ला 12 में नगर की भावना इंटर नेशनल स्कूल बस में दादी छात्रा जसमीत को बस तक लेकर पहुंची तभी बहन का पीछा करते हुए इकलौता भाई भी आ गया। बस चालक की लापरवाही के कारण बच्चा बस के अगले पाहिए के नीचे आ गया और उसकी मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। मौत की खबर लगने पर परिजनों का रो- रोकर बुरा हाल बना हुआ है। चालक बस लेकर मौके से फरार हो गया। पीड़ित परिजनों के साथ सैंकड़ों ग्रामीण शव को लेकर थाने पहुंचे और कार्रवाई की मांग करने लगे। दो घंटे बीत जाने के बाद कार्रवाई नहीं होने पर परिजनों व ग्रामीणों बच्चे के शव को गोद में लेकर थाने के सामने सड़क प र बैठ गए। पुलिस के हाथ पांव फूल गए और आनन फानन में स्कूल संचालक व बस चालक को हिरासत में ले लिया। हादसे की खबर मिलने पर एसपी देहात , किसान यूनियन टिकैत जिलाध्यक्ष ने हादसे की जानकारी ली। चार घंटे बाद पीडित परिजना व स्कूल संचालकों के बीच 8 लाख रूपए नकद व छात्रा जसमीत की इंटर मीडियट की पढ़ाई का खर्च उठाने का पुलिस मौजूदगी में समझौता हो गया। पुलिस ने शव का पंचनामा भर परिजनों को सौंप दिया। गांव आलमगिर पुर बढ़ला 12 निवासी प्रिंस की 7 वर्षिय पुत्री जसमीत नगर के भावना इंटर नेशनल स्कूल में कक्षा दो में पढ़ती है। पिता गाजियाबाद प्राइवेट कंपनी में नौकरी करते हैं।ब्रहस्पतिवार को स्कूल की बस आस पास के गांवों से बच्चों को लेकर गांव आलमगिर पुर बढ़ला में 7 बजकर 50 मीनट पर पहुंची जहा दादी उर्मिला छात्रा जसमीत को लेकर बस में बैठाने के लिए पहुंची इस दौरान भाई करीब तीन वर्षिय नवनीत पीछा करते हुए बस के आगे आ गया। बस चालक व परिचालक की लापरवाही के चलते नवनीत बस के अगले पाहिए के नीचे आने पर कूचल दिया। जिससे उसकी दर्दनाक मौत हो गई। यह मंजर देख दादी उर्मिला व बहन जसमीत की चीख निकल गई। चीख पुकार की आवाज सुनकर परिजनों के साथ आस पास के ग्रामीण भी उस तरफ दौड़े लेकिन चालक बस लेकर फरार हो गया। उक्त हादसा यह गांव में लगे सीसीटीवी कैमरे की फूटेज में कैद हो गया और सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। परिजनों के साथ सैंकड़ों ग्रामीण बच्चे के शव को लेकर थाने पहुंचे और स्कूल संचालक मदन गुर्जर व बस चालक के खिलाफ कार्रवाई की मांग करने लगे। करीब दो घंटे पीड़ित चाचा पंकज बच्चे के शव को लिए थाने में पड़ी बैंच पर अपनी गोद में लिये बैठा रहा। कार्रवाई होती न देख परिजन व ग्रामीणों ने बच्चे के शव को थाने के सामने सड़क पर जाम लगा दिया। जाम की खबर लगने पर पुलिस ने अपनी किरकिरी होती देख आनन फानन में स्कूल संचालक व बस को हिरासत में लेकर थाने ले आए। हादसे की खबर मिलने पर किसान यूनियन टिकैत जिलाध्यक्ष अनुराग चौधरी भी पहुंचे और पीड़ित परिजनों से जानकारी ली। पुलिस ने मामला बढ़ता देख उच्चाधिकारियों को सूचना दी। जिस पर एसपी देहात अभिजीत सिंह, सीओ सदर देहात सुधीर ने भी पीड़ित परिवार को कार्रवाई करने का भरोसा दिलाया।
किसान यूनियन टिकैत एसपी देहात की चार घंटे चली वार्ता
मासूम बच्चा एकलौता नवीनत की स्कूल बस की चपेट में आने से मौत की खबर लगने पर किसान यूनियन टिकैत के जिलाध्यक्ष अनुराग चौधरी कार्यकर्ताओं के साथ थाने पंहुचे और स्कूल संचालक के खिलाफ कडी कार्रवाई की मांग करने लगे तथा थाने में किसान यूनियन के कार्यकर्ताओं ने पीड़ित परिवार को 15 लाख रूपए की आर्थिक मदद व मृतक की बहन छात्रा जसमीत इंटर मीडियट तक की पढ़ाई नि शुलक कराने की मांग की। स्कूल संचालक मदन गुर्जर आर्थिक मदद पांच लाख रूपए देने पर किसान यूनियन कार्यकर्ता व ग्रामीण भड़क गए। एसपी देहात अभिजीत , सीओ सदर देहात सुधीर की माैजूदगी में चार घंटे चली वार्ता में स्कूल संचालक पीड़ित परिवार को 8 लाख रूपए आर्थिक मदद व छात्रा को इंटर मीडियट तक नि शुल्क शिक्षा की सहमति बनने पर बच्चे के शव का पुलिस ने पंचनामा भर परिजनों को सौंप दिया। बहन का रो- रोकर बुरा हाल।

बहन का प्यार था भाई

रक्षा बंधन पर्व पर अपने भाई नवनीत की कलाई पर रक्षा सुत्र बांधकर परिवार के साथ खुशियां मनाई थी। लेकिन बहन को किया मालूम था सात दिन बाद उसका प्यारा इकलौता भाई दुनिया को छोड़कर चला जाएगा। मृतक मां पूजा ने बताया जब जसमीत पढ़ने के लिए स्कूल चली जाती थी। नवनीत अपनी बहन के इंतजार में बैठा रहता था बहन के आने पर ही खुशी से झूम उठता था और वह उसके साथ ही खाना खाता था मां रोते बिलखेते हुए कह रही थी भगवान मेरा इकलोता सहारा छीन लिया मां के मुंह से निकले यह शब्द सुनकर मौजूद हर शख्स की आंखे नम हो चली। बहन अपने भाई को बार बार याद करते हुए उसके साथ खुशी पल बिताये याद करते हुए रोती रही।गांव के ही श्मशान घाट पर दफना दिया।नवनीत का शव जैसे ही घर पहुंचा परिवार गम का पहाड़ टूट पड़ा ग्रामीण व परिजनों ने किसी तरह मां पूजा , दादी उर्मिला, पिता प्रिसं व अन्य परिजनों को संभालते हुए गांव के श्मशान घाट पर गमगीन माहौल में दफना दिया गया



