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मेरठ संवाददाता एन 20 न्यूज
जानी खुर्द। मोहर्रम की 10वीं (यौमे आशूरा) के अवसर पर जानी बुजुर्ग में शहादत-ए-इमाम हुसैन की याद में धार्मिक आस्था और अकीदत के साथ कार्यक्रम आयोजित किया गया। बड़ी संख्या में सोगवारों ने मातम कर कर्बला के शहीदों को खिराज-ए-अकीदत पेश किया। पूरे आयोजन के दौरान “लब्बैक या हुसैन” की सदाएं गूंजती रहीं और माहौल गमगीन होने के साथ-साथ धार्मिक श्रद्धा से सराबोर दिखाई दिया।इस्लामिया मदरसा चौक पर अकीदतमंदों ने हाथ उठाकर इमाम हुसैन की कुर्बानी को याद किया। इसके बाद जुलजनाह का जुलूस निकाला गया, । जुलूस के दौरान नौहे पढ़े गए और सोगवारों ने मातम कर कर्बला के शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की। अंत में धार्मिक परंपरा के अनुसार ताजियों को सुपुर्द-ए-खाक किया गया। कर्बला की शहादत का जिक्र होते ही अनेक सोगवारों की आंखें नम हो गईं। वक्ताओं ने कहा कि इमाम हुसैन की शहादत इंसानियत, सत्य, न्याय और अत्याचार के खिलाफ संघर्ष का प्रतीक है तथा उनका संदेश आज भी पूरी दुनिया को इंसाफ और मानवता की राह पर चलने की प्रेरणा देता है। पूरे आयोजन के दौरान शांति, अनुशासन और आपसी भाईचारे का माहौल बना रहा इस अवसर पर तनवीर, राशिद अली, जुनैद, आदि मौजूद रहे।
