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मेरठ संवाददाता एन 20 न्यूज
जानी खुर्द। जानी ब्लॉक के गांव रसूलपुर धौलड़ी में मोहर्रम की 10वीं (यौमे आशूरा) के अवसर पर शहादत-ए-इमाम हुसैन को अकीदत के साथ याद किया गया। पूरे गांव में धार्मिक श्रद्धा, अनुशासन और गंगा-जमुनी तहजीब का अद्भुत नज़ारा देखने को मिला। बड़ी संख्या में सोगवारों ने मातम कर कर्बला के शहीदों को खिराज-ए-अकीदत पेश किया तथा इमाम हुसैन की कुर्बानी को इंसानियत, सत्य और न्याय की मिसाल बताया।हुसैनी चौक पर “लब्बैक या हुसैन” की सदाओं के बीच हजारों हाथ दुआ के लिए उठे। इसके बाद दीवानखाना से जुलजनाह का जुलूस निकाला गया, जो निर्धारित मार्गों से होता हुआ कर्बला गेट पहुंचा। पूरे रास्ते सोगवारों ने नौहे पढ़े और मातम करते हुए कर्बला की शहादत को याद किया। कर्बला गेट पर धार्मिक रस्मों के अनुसार ताजियों को सुपुर्द-ए-खाक किया गया।कार्यक्रम के दौरान कर्बला की घटना का उल्लेख होते ही अनेक सोगवार भावुक हो उठे और उनकी आंखें नम हो गईं। वक्ताओं ने कहा कि लगभग 14 सदियों पूर्व इमाम हुसैन ने अन्याय और अत्याचार के सामने झुकने के बजाय अपने परिवार और साथियों सहित सर्वोच्च बलिदान दिया। उनकी शहादत आज भी पूरी दुनिया को इंसाफ, सच्चाई, सब्र और इंसानियत का संदेश देती है।मोहर्रम के इस आयोजन में सभी समुदायों के लोगों ने आपसी भाईचारे और सामाजिक सौहार्द का परिचय दिया। पूरे आयोजन के दौरान शांति एवं अनुशासन का माहौल बना रहा।इस अवसर पर बाबर काज़मी, काशिफ, अनवर, समीर, मेहदी हसन, राजा काज़मी, आज़म, तैमूर सहित बड़ी संख्या में सोगवार एवं क्षेत्रवासी उपस्थित रहे।
