मेरठ संवाददाता एन 20 न्यूज
मेरठ।थाना रोहटा क्षेत्र के गांव उकसिया में छात्रा की हत्या के मामले को लेकर सोमवार को राजनीतिक हलचल तेज हो गई। समाजवादी पार्टी का एक प्रतिनिधिमंडल पीड़ित परिवार से मिलने और राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव की ओर से आर्थिक सहायता का चेक सौंपने के लिए थिरोट गांव जा रहा था, लेकिन पुलिस ने रास्ते में ही रोक दिया। प्रशासन ने कानून-व्यवस्था का हवाला देते हुए प्रतिनिधिमंडल को आगे जाने की अनुमति नहीं दी।गौरतलब है कि थिरोट गांव की 20 वर्षीय बीए द्वितीय वर्ष की छात्रा 14 मई 2026 को परीक्षा देने के लिए घर से निकली थी, लेकिन वापस नहीं लौटी। परिजनों ने उसकी गुमशुदगी दर्ज कराते हुए अपहरण की आशंका जताई थी। तीन दिन बाद छात्रा का शव उकसिया गांव के पास गन्ने के खेत में मिलने से क्षेत्र में सनसनी फैल गई थी। इस घटना के बाद से परिजन लगातार दोषियों की गिरफ्तारी और न्याय की मांग कर रहे हैं।सोमवार को समाजवादी पार्टी के जिलाध्यक्ष कर्मवीर सिंह गुमी के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल पीड़ित परिवार से मिलने के लिए रवाना हुआ। प्रतिनिधिमंडल में वरिष्ठ सपा नेता एवं सिवालखास विधानसभा के पूर्व प्रत्याशी नदीम चौहान, गौरव चौधरी, बब्लू पंडित, फारूक हसन, विधानसभा अध्यक्ष तसव्वर अली, अयूब खिवाई, सिवालखास उपाध्यक्ष समेत कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता शामिल रहे।रास्ते में पुलिस ने प्रतिनिधिमंडल को रोक लिया। इस दौरान सपा नेताओं और पुलिस अधिकारियों के बीच बातचीत भी हुई, लेकिन प्रशासन ने सुरक्षा और शांति व्यवस्था बनाए रखने का हवाला देते हुए किसी को भी गांव में प्रवेश की अनुमति नहीं दी।सपा जिलाध्यक्ष कर्मवीर सिंह गुमी ने पुलिस कार्रवाई पर नाराजगी जताते हुए कहा कि समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव द्वारा पीड़ित परिवार के लिए भेजी गई आर्थिक सहायता देने के उद्देश्य से वे लोग जा रहे थे, लेकिन पुलिस ने उन्हें बीच रास्ते में रोक दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस प्रशासन ने उन्हें पीड़ित परिवार से मिलने तक नहीं दिया, जो लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन है।उन्होंने कहा कि यह लोकतंत्र की हत्या है। समाजवादी पार्टी पीड़ित परिवार के साथ खड़ी है और आज नहीं तो कल हर हाल में परिवार से मिलकर उन्हें न्याय दिलाने की लड़ाई लड़ेगी।वहीं सपा नेताओं ने छात्रा हत्याकांड की निष्पक्ष जांच, दोषियों की जल्द गिरफ्तारी और पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने की मांग की। दूसरी ओर पुलिस प्रशासन का कहना है कि क्षेत्र में शांति एवं कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए एहतियातन यह कदम उठाया गया है।उकसिया हत्याकांड को लेकर क्षेत्र में लगातार राजनीतिक गतिविधियां बढ़ रही हैं और विभिन्न सामाजिक व राजनीतिक संगठन पीड़ित परिवार के समर्थन में आवाज उठा रहे हैं।
