मेरठ संवाददाता एन 20 न्यूज
मेरठ। स्वामी विवेकानंद सुभारती विश्वविद्यालय के 11वें दीक्षांत समारोह का भव्य आयोजन विश्वविद्यालय के मांगल्य प्रेक्षागृह में सम्पन्न हुआ। समारोह में 2481 विद्यार्थियों को विभिन्न उपाधियां प्रदान की गईं। मुख्य अतिथि के रूप में गुजरात के राज्यपाल आचार्य देवव्रत उपस्थित रहे, जबकि विशिष्ट अतिथि के रूप में नाइजीरिया के केब्बी प्रांत के उपराज्यपाल सीनेटर उमर अबुबकर तफीदान कब्बी शामिल हुए। कार्यक्रम की अध्यक्षता विश्वविद्यालय की कुलाधिपति डॉ. स्तुति कक्कड़ ने कीकार्यक्रम

की शुरुआत दीप प्रज्ज्वलन, कुम्भ जलाभिषेक और आईएनए शहीद स्मारक पर पुष्पांजलि अर्पण के साथ हुई। मुख्य अतिथि को उत्तर प्रदेश पुलिस के जवानों द्वारा सम्मान गारद भी दी गई। विश्वविद्यालय परिसर में विद्यार्थियों द्वारा राष्ट्रबोध, स्टार्टअप, पर्यावरण समिति और वेलनेस सेंटर से जुड़े स्टॉल लगाए गए, जिनका अतिथियों ने अवलोकन किया।अपने संबोधन में आचार्य देवव्रत ने कहा कि दीक्षांत समारोह केवल शिक्षा का समापन नहीं, बल्कि नई जिम्मेदारियों की शुरुआत है।

उन्होंने विद्यार्थियों को सत्य, धर्म, सदाचार और निरंतर स्वाध्याय का संदेश देते हुए माता-पिता और गुरुजनों के सम्मान पर विशेष बल दिया। उन्होंने कहा कि डिग्री का अर्थ केवल नौकरी पाना नहीं, बल्कि एक जिम्मेदार और संस्कारित नागरिक बनना है। उन्होंने बढ़ते वृद्धाश्रमों पर चिंता जताते हुए भारतीय संस्कृति में परिवार और गुरु परंपरा के महत्व को रेखांकित किया।विशिष्ट अतिथि सीनेटर उमर अबुबकर तफीदान कब्बी ने विद्यार्थियों से समाज और राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि शिक्षा से प्राप्त ज्ञान और कौशल का उपयोग केवल व्यक्तिगत उन्नति तक सीमित न रहकर समाज के व्यापक हित में होना चाहिए।

तेजी से बदलती दुनिया में नवाचार, तकनीक और अंतरराष्ट्रीय सहयोग की आवश्यकता पर भी उन्होंने जोर दिया।कुलपति प्रो. (डॉ.) प्रमोद कुमार शर्मा ने विश्वविद्यालय का प्रतिवेदन प्रस्तुत करते हुए बताया कि इस वर्ष 115 पीएचडी सहित कुल 2481 उपाधियां प्रदान की गईं। 45 स्नातक विद्यार्थियों को स्वर्ण पदक तथा 23 स्नातकोत्तर टॉपर्स को उत्कृष्टता प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया। डॉ. ईबेन एस जॉन और आस्था गुप्ता को चांसलर मेडल प्रदान किया गया, जबकि एमबीबीएस और डेंटल के मेधावी विद्यार्थियों को भी गोल्ड मेडल व नकद पुरस्कार दिए गए।कुलाधिपति डॉ. स्तुति कक्कड़ ने विद्यार्थियों को बधाई देते हुए शिक्षा, सेवा, संस्कार और राष्ट्रीयता के मूल्यों को जीवन में अपनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि सुभारती विश्वविद्यालय अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान मजबूत कर रहा है और नवाचार, शोध व उद्यमिता को निरंतर बढ़ावा दे रहा है।

इस अवसर पर विश्वविद्यालय की मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ. शल्या राज, सुभारती विश्वविद्यालय के महानिदेशक मेज. जन. (डॉ.) जी.के. थपलियाल, एसएम (सेनि.) डॉ. कपिल कुमार, डॉ.वैभव गोयल भारतीय, डॉ. गीता परवंदा, डॉ. पिंटू मिश्रा, डॉ. सोकिंद्र कुमार, डॉ. रीना विश्नोई, डॉ. सुधीर त्य़ागी, डॉ. पंकज किशोर मिश्रा, डॉ. निखिल श्रीवास्तव, डॉ. मनोज कपिल, डॉ. पद्मा मिश्रा, डॉ. धीरेन अजित नायर आदि उपस्थित रहे।

