गोरखपुर सवाददाता एन 20 न्यूज
गोरखपुर।गोरखपुर, 20 अक्टूबर। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री एवं गोरक्षपीठाधीश्वर योगी आदित्यनाथ ने कहा कि जाति, क्षेत्र और भाषा के नाम पर समाज को बांटने तथा सामाजिक एकता को कमजोर करने वाली ताकतें रावण की विचारधारा से प्रेरित हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि भारत की एकता और मजबूती से परेशान कुछ ताकतें देश के खिलाफ दुष्प्रचार कर रही हैं, जिनमें भारत के भीतर और बाहर से प्रायोजित ताकतें शामिल हैं।मुख्यमंत्री मंगलवार शाम गोरखपुर के मानसरोवर रामलीला मैदान में श्री श्री रामलीला समिति, आर्यनगर की ओर से आयोजित प्रभु श्रीराम के राजतिलक समारोह को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर उन्होंने सभी प्रदेशवासियों को विजयादशमी की बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।
भारत की मजबूती पर दिया जोर
सीएम योगी ने कहा कि जब-जब भारत कमजोर हुआ, तब-तब देश की धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत को नुकसान पहुंचा। उन्होंने राम जन्मभूमि, कृष्ण जन्मभूमि, काशी विश्वनाथ और सोमनाथ मंदिर का उल्लेख करते हुए कहा कि देश की एकता और मजबूती उसकी सांस्कृतिक विरासत की रक्षा के लिए जरूरी है।मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत अपनी ऐतिहासिक और सांस्कृतिक गरिमा को पुनः स्थापित कर रहा है। उन्होंने अयोध्या में श्रीराम मंदिर के निर्माण को इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया।
रामभक्तों पर अत्याचार करने वालों पर भी साधा निशाना
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि जो लोग पहले राम मंदिर आंदोलन का विरोध करते थे और रामभक्तों पर अत्याचार करते थे, वे आज राम-राम का नाम ले रहे हैं। उन्होंने ऐसे लोगों की तुलना रामायण के पात्र कालनेमि से करते हुए जनता से उन्हें पहचानने का आह्वान किया।
देश और सनातन की सुरक्षा को बताया जरूरी
मुख्यमंत्री ने कहा कि देश सुरक्षित रहेगा, तभी धर्म और समाज भी सुरक्षित रहेंगे। उन्होंने सनातन परंपरा का उल्लेख करते हुए कहा कि भारत की सांस्कृतिक विरासत सभी जातियों, संप्रदायों और मत-मजहब के लोगों को सुरक्षा एवं समृद्धि का मार्ग प्रदान करती है।उन्होंने भारतीय ऋषि परंपरा के मंत्र ‘सर्वे भवन्तु सुखिनः, सर्वे सन्तु निरामयाः’ का उल्लेख करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘सबका साथ, सबका विकास’ के संदेश को भी रेखांकित किया।समारोह में मुख्यमंत्री ने प्रभु श्रीराम के आदर्शों को याद करते हुए सामाजिक एकता, राष्ट्रीय मजबूती और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण का संदेश दिया।



