मेरठ संवाददाता एन 20 न्यूज
मेरठ। क्रांति दिवस के अवसर पर संयुक्त गुर्जर परिसंघ के तत्वाधान में आयोजित “गुर्जर जनजागृति महासम्मेलन” रविवार को ऐतिहासिक जनसमूह और व्यापक सामाजिक भागीदारी के साथ भव्य रूप से संपन्न हुआ। सम्मेलन में पश्चिमी उत्तर प्रदेश सहित विभिन्न क्षेत्रों से आए समाज के गणमान्य व्यक्तियों, जनप्रतिनिधियों, बुद्धिजीवियों, युवाओं, महिलाओं, किसानों एवं पूर्व सैनिकों ने बड़ी संख्या में भाग लिया।कार्यक्रम की अध्यक्षता वीरेंद्र विक्रम शास्त्री ने की, जबकि संचालन डॉ. अनीता मोरल, डॉ. उमा आर्य एवं डॉ. प्रिया चौहान ने संयुक्त रूप से किया। सम्मेलन का उद्देश्य समाज में व्याप्त कुरीतियों को समाप्त कर सामाजिक चेतना, शिक्षा, संगठन और राष्ट्रहित को मजबूत करना रहा।सम्मेलन में वक्ताओं ने समाज के सामने सबसे बड़ी चुनौती आंतरिक कुरीतियों, नशाखोरी, फिजूलखर्ची, दिखावा और सामाजिक विघटन को बताया। इस दौरान एक “सामाजिक धर्मादेश” पारित किया गया, जिसमें मृत्युभोज प्रथा का पूर्ण बहिष्कार, डीजे संस्कृति और अश्लीलता पर रोक, धार्मिक आयोजनों में अनावश्यक खर्च का विरोध, नशामुक्त समाज का संकल्प, दहेज प्रथा का पूर्ण विरोध तथा पशु क्रूरता पर रोक जैसे महत्वपूर्ण निर्णय शामिल रहे।वक्ताओं ने कहा कि समाज को सादगी, शिक्षा और संस्कारों की दिशा में आगे बढ़ाना समय की आवश्यकता है। बेटियों की शिक्षा और युवाओं को नशे से दूर रखने पर विशेष जोर दिया गया।सम्मेलन में ऐतिहासिक एवं राष्ट्रीय मुद्दों पर भी प्रस्ताव पारित किए गए। 1857 की क्रांति के नायक कोतवाल धन सिंह गुर्जर को भारत रत्न देने की मांग उठाई गई। साथ ही 1857 के दौरान प्रभावित गांवों को “शहीद ग्राम” घोषित करने और उनके इतिहास को पाठ्यक्रम में शामिल करने की मांग भी की गई।इसके अतिरिक्त भारतीय सेना में “कोतवाल धन सिंह गुर्जर रेजिमेंट” के गठन का प्रस्ताव भी सर्वसम्मति से पारित किया गया।राजनीतिक हिस्सेदारी को लेकर सम्मेलन में वक्ताओं ने कहा कि समाज को उसके जनसंख्या और योगदान के अनुरूप प्रतिनिधित्व नहीं मिल रहा है। इस दौरान सरकार से विधान परिषद, राज्यसभा, आयोगों एवं अन्य संस्थानों में उचित भागीदारी देने की मांग की गई। साथ ही चेतावनी दी गई कि यदि समाज को उचित प्रतिनिधित्व नहीं मिला तो अक्टूबर माह से शांतिपूर्ण आंदोलन प्रारंभ किया जाएगा।सम्मेलन में विभिन्न राजनीतिक एवं सामाजिक हस्तियों की गरिमामयी उपस्थिति रही। प्रमुख अतिथियों में चंदन चौहान (सांसद), वीरेंद्र सिंह (पूर्व मंत्री), नंद किशोर (विधायक), प्रशांत चौधरी (पूर्व MLC), अतुल प्रधान (विधायक), रविंद्र भादरी, श्री नेपाल कसाना, हरीशचंद्र भाटी, रेखा (जिला पंचायत अध्यक्ष) तथा मनीष चौहान (पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष) शामिल रहे। इन सभी अतिथियों की उपस्थिति में समाज सुधार, शिक्षा, नशामुक्ति, शहीद सम्मान एवं राजनीतिक हिस्सेदारी जैसे विषयों पर विस्तार से चर्चा हुई।अंत में हजारों लोगों ने सामूहिक शपथ ली कि वे समाज में शिक्षा, विज्ञान, संगठन और नशामुक्ति को बढ़ावा देंगे। कार्यक्रम के समापन पर मुख्य संयोजक भोपाल सिंह गुर्जर, मुख्य सहसंयोजक ई. जगदीश पुट्ठा एवं वीरेंद्र सिंह गुर्जर ने सभी अतिथियों एवं प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया।

