मेरठ संवाददाता एन 20 न्यूज
मवाना। मवाना थाना क्षेत्र में पिछले कई दिनों से पत्रकारों के साथ हो रही अभद्रता और पुलिस के तानाशाही रवैये के खिलाफ शुक्रवार को पत्रकारों का गुस्सा फूट पड़ा। संयुक्त पत्रकार महासभा के बैनर तले दर्जनों पत्रकारों ने तहसील परिसर में प्रदर्शन किया और पुलिस क्षेत्राधिकारी (सीओ) पंकज लवानिया को एक लिखित ज्ञापन सौंपकर दोषी पुलिसकर्मियों के विरुद्ध कठोर कार्यवाही की मांग की।*चौकी प्रभारी पर गंभीर आरोप*संयुक्त पत्रकार महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष सरताज अहमद के नेतृत्व में पत्रकारों ने सीओ से वार्ता की। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि बस स्टैंड चौकी प्रभारी प्रशांत मिश्रा का व्यवहार पत्रकारों और संपादकों के प्रति लगातार असम्मानजनक बना हुआ है। हाल के दिनों में कई पत्रकारों के साथ हुई बदसलूकी से समूचे पत्रकार जगत में गहरा रोष व्याप्त है।चौथे स्तंभ पर प्रहार बर्दाश्त नहीं किया जायेगा। ज्ञापन में बताया गया कि वरिष्ठ पत्रकार संचित अरोड़ा, अमित कांबोज और प्रिंस रस्तौगी के साथ हुई घटनाओं के संबंध में मवाना थाने में तहरीर दी गई थी, लेकिन पुलिस ने अब तक कोई संज्ञान नहीं लिया। पत्रकारों ने आरोप लगाया कि समाचार संकलन के दौरान भी पुलिस का रवैया बेहद नकारात्मक रहता है। सरताज अहमद ने कहा, “पत्रकार लोकतंत्र का चौथा स्तंभ है, उनके साथ ऐसा व्यवहार न केवल निंदनीय है बल्कि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर भी सीधा प्रहार है।”*निलंबन की मांग, आंदोलन की चेतावनी*पत्रकारों ने प्रशासन से मांग की है कि चौकी प्रभारी प्रशांत मिश्रा को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया जाए।पत्रकारों के साथ भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो, इसकी ठोस व्यवस्था की जाए।पत्रकारों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही विभागीय कार्यवाही नहीं की गई, तो वे तहसील और जिला मुख्यालय पर उग्र आंदोलन और व्यापक प्रदर्शन करने को विवश होंगे। इस दौरान सरताज अहमद राष्ट्रीय अध्यक्ष, मोनू कुमार राष्ट्रीय उपाध्यक्ष, परविंदर जैन, रूपेश चौहान, प्रिंस रस्तोगी, अमित कंबोज,आरिफ कुरैशी,संचित अरोड़ा, रजनीश विश्वकर्मा, अमित कांबोज,रोहित दिलावर,रोहित पत्रकार, इसरार अंसारी,अनस सैफी,जितेंद्र राठी जिला अध्यक्ष,दीपक कुमार संगठन मंत्री,डॉक्टर रईस अल्वी संपादक,पुनीत गोयल, शफीक,सत्येंद्र सैनी, नदीम मीरापुर, रविंद्र कुमार,सत्येंद्र कुमार,शानू राजपूत सहित मुज्जफरनगर, शामली, कैराना, चरथावल, बड़ौत आदि स्थानों के दर्जनों पत्रकार मौजूद रहे।

