मेरठ संवाददाता एन 20 न्यूज
मेरठ।सरधना नगर के गंज बाजार क्षेत्र में लंबे समय से बनी जलभराव की गंभीर समस्या को लेकर व्यापारियों का सब्र आखिरकार जवाब दे गया। समस्या के समाधान की मांग को लेकर व्यापारी एकजुट होकर तहसील पहुंचे और जिलाधिकारी को शिकायती पत्र सौंपा। व्यापारियों ने आरोप लगाया कि कई बार नगर पालिका अधिकारियों को अवगत कराने के बावजूद समस्या का कोई स्थायी समाधान नहीं किया गया।शिकायती पत्र मिलते ही जिलाधिकारी ने मामले को गंभीरता से लिया और तत्काल नगर पालिका सरधना की अधिशासी अधिकारी (ईओ) दीपिका शुक्ला को तलब किया। डीएम ने ईओ से साफ शब्दों में पूछा कि अब तक जलभराव की समस्या का समाधान क्यों नहीं हुआ। डीएम ने ईओ को कड़ी फटकार लगाते हुए निर्देश दिए कि बाजार क्षेत्र में जलभराव की समस्या का समाधान प्राथमिकता के आधार पर जल्द से जल्द किया जाए, ताकि व्यापारियों और आम जनता को राहत मिल सके।डीएम को ज्ञापन सौंपने के बाद व्यापारी तहसील सभागार से बाहर निकल आए। इसी दौरान अधिशासी अधिकारी भी पीछे-पीछे बाहर आ गईं और व्यापारियों से यह कहते हुए सवाल किया कि वे शिकायत लेकर डीएम के पास क्यों आए। ईओ के इस कथन को व्यापारियों ने अपमानजनक और गैर-जिम्मेदाराना बताया, जिससे व्यापारी आक्रोशित हो गए और मौके पर तीखी नोकझोंक शुरू हो गई।विवाद बढ़ने पर नगर पालिका के कुछ कर्मचारी भी ईओ के समर्थन में आ गए और व्यापारियों से उलझने लगे। आरोप है कि इस दौरान कर्मचारियों ने व्यापारियों को धमकाने का प्रयास भी किया, जिससे स्थिति और अधिक तनावपूर्ण हो गई। तहसील परिसर में करीब 5 से 10 मिनट तक अफरा-तफरी और शोर-शराबे का माहौल बना रहा।शोरगुल की आवाज तहसील सभागार के भीतर तक पहुंची, जिसके बाद जिलाधिकारी ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए एसडीएम सरधना उदित नारायण सेंगर को बाहर भेजा। वहीं, हालात को काबू में करने के लिए सरधना थाना पुलिस भी मौके पर पहुंची और दोनों पक्षों के बीच बीच-बचाव किया।व्यापारियों के साथ मौजूद हनीफ राणा के हस्तक्षेप के बाद मामला शांत हुआ। हालांकि व्यापारियों का गुस्सा कम नहीं हुआ। उन्होंने साफ चेतावनी दी कि यदि जल्द ही बाजार क्षेत्र में जलभराव की समस्या का स्थायी समाधान नहीं किया गया, तो वे एक बार फिर जिलाधिकारी से शिकायत करेंगे। इसके बाद भी सुनवाई न होने पर व्यापारी अपनी दुकानों की चाबियां प्रशासन को सौंपकर भूख हड़ताल करने को बाध्य होंगे।व्यापारियों ने यह भी कहा कि अधिशासी अधिकारी के व्यवहार से व्यापारिक समुदाय में भारी रोष है और यदि भविष्य में इस तरह का रवैया अपनाया गया तो आंदोलन और तेज किया जाएगा।घटना के बाद तहसील परिसर में कुछ देर तक तनाव का माहौल बना रहा, हालांकि पुलिस और प्रशासन की मौजूदगी से स्थिति नियंत्रण में रही।

