सरधना संवाददाता एन 20 न्यूज
सरधना।ग्राम पंचायत टेरहकी में मतदाता सूची से करीब 300 मतदाताओं के नाम काटे जाने का मामला अब गंभीर प्रशासनिक और लोकतांत्रिक मुद्दा बनता जा रहा है। इस प्रकरण को लेकर गांव में लगातार चर्चाओं का दौर जारी है और ग्रामीणों में भारी रोष व्याप्त है। इसी को लेकर भारतीय किसान यूनियन (किसान सभा) के नेतृत्व में ग्रामवासियों की एक अहम बैठक आयोजित की गई, जिसकी अध्यक्षता संगठन के जिला अध्यक्ष निखिल राव ने की। बैठक में बड़ी संख्या में ग्रामीणों के साथ-साथ संगठन के पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे। बैठक को संबोधित करते हुए जिला अध्यक्ष निखिल राव ने कहा कि मतदाता सूची से जिन लोगों के नाम हटाए गए हैं, उनमें से लगभग 150 मतदाता ऐसे हैं, जो पूरी तरह वैध हैं और बीते 15 से 20 वर्षों से लगातार अपने मताधिकार का प्रयोग करते आ रहे हैं। इसके बावजूद बिना किसी पूर्व सूचना, आपत्ति आमंत्रित किए बिना और निर्धारित वैधानिक प्रक्रिया का पालन किए बिना उनके नाम मतदाता सूची से हटा देना अत्यंत गंभीर लापरवाही और लोकतांत्रिक अधिकारों का खुला उल्लंघन है। संगठन के पदाधिकारी कार्यकर्ता और ग्रामीण सरधना तहसील पहुंचे और धरना प्रदर्शन करते हुए नायब तहसीलदार भूपेंद्र कुमार को ज्ञापन सौंपा जिसमें निष्पक्ष जांच कराए जाने की मांग की।निखिल राव ने आरोप लगाया कि संबंधित बी.एल.ओ. गीता देवी द्वारा यह कार्रवाई पूरी तरह मनमाने और संदिग्ध तरीके से की गई है। उन्होंने कहा कि मतदाता सूची में इस तरह की गड़बड़ी से ग्रामीणों का चुनावी व्यवस्था और प्रशासन पर विश्वास कमजोर होता है। यह न केवल ग्रामीणों के मौलिक अधिकारों का हनन है, बल्कि निष्पक्ष चुनाव प्रणाली पर भी सवाल खड़े करता है।उन्होंने स्पष्ट शब्दों में चेतावनी दी कि यदि इस पूरे प्रकरण की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच शीघ्र नहीं कराई गई और दोषी अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई नहीं हुई, तो भारतीय किसान यूनियन (किसान सभा) ग्रामीणों के साथ मिलकर तहसील और जिला स्तर पर बड़ा आंदोलन करने को मजबूर होगी। संगठन किसी भी कीमत पर ग्रामीणों के मताधिकार से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं करेगा। ज्ञापन में मांग की गई कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए, 150 पूरी तरह वैध मतदाताओं सहित सभी पात्र मतदाताओं के नाम तत्काल प्रभाव से मतदाता सूची में पुनः शामिल किए जाएं तथा इस लापरवाही के लिए जिम्मेदार बी.एल.ओ. गीता देवी के विरुद्ध कड़ी विभागीय कार्रवाई अमल में लाई जाए।इस दौरान नायब तहसीलदार को अवगत कराया गया कि यदि समय रहते समस्या का समाधान नहीं हुआ, तो ग्रामीणों में आक्रोश और बढ़ सकता है, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।इस मौके पर भारतीय किसान यूनियन (किसान सभा) जिला मंत्री सिराजुद्दीन मलिक, सहरोज मलिक, शादाब खान, मुंफ़रीद, सरफराज अंसारी, साबिर अंसारी, आदिल, साजिद, शाहिद आरिफ, नजाकत खान, अहसास (मेंबर), शाकिर, फईम, मजहर सहित अनेक संगठन पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे। इनके अलावा बड़ी संख्या में ग्रामवासी भी शामिल हुए। मौजूद ग्रामीणों और संगठन पदाधिकारियों ने एक स्वर में कहा कि मताधिकार उनका संवैधानिक अधिकार है और इसकी रक्षा के लिए वे हर स्तर पर संघर्ष करेंगे। उन्होंने साफ कहा कि लोकतंत्र के साथ किसी भी प्रकार की छेड़छाड़ को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और जरूरत पड़ने पर आंदोलन को और तेज किया जायेगा।

