मेरठ संवाददाता एन 20 न्यूज
मेरठ ।सरधना बार एसोसिएशन ने न्यायालय परिसर में बढ़ रही फर्जी वकालत और संदिग्ध गतिविधियों पर गंभीर चिंता जताते हुए सख्त कदम उठाने की मांग की है। इस संबंध में बार एसोसिएशन द्वारा आम सभा में पारित प्रस्ताव के आधार पर न्यायिक मजिस्ट्रेट / सिविल जज (जू०डि०) सरधना को एक पत्र प्रेषित कर सहयोग का अनुरोध किया गया है।पत्र में कहा गया है कि न्यायालय में केवल उन्हीं अधिवक्ताओं को सुनवाई का अवसर दिया जाए, जिनके वकालतनामे पर विधिवत सी०ओ०पी० (COP) नंबर अंकित हो। साथ ही जिन अधिवक्ताओं के गले में सफेद बैण्ड न हो अथवा नए अधिवक्ता जिन्होंने अभी दो वर्ष का पंजीकरण पूरा नहीं किया है, उनके लिए काली टाई पहनना अनिवार्य किया जाए। इसके अलावा किसी भी अन्य व्यक्ति को न्यायिक कार्यवाही में भाग लेने की अनुमति न देने की मांग की गई है। बार एसोसिएशन ने यह भी मांग की है कि जिन अधिवक्ताओं या मुंशियों के पास सरधना बार का पहचान-पत्र नहीं है अथवा जो बाहर से आए हुए हैं, उनकी विधिवत जांच की जाए कि वे वास्तव में अधिवक्ता या मुंशी हैं भी या नहीं। पत्र में उल्लेख किया गया है कि वर्तमान समय में कुछ लोग स्वयं को अधिवक्ता बताकर वादकारियों को भ्रमित कर उनसे अवैध रूप से धन ऐंठ रहे हैं, जिससे विधि व्यवसाय की छवि धूमिल हो रही है। ऐसे फर्जी अधिवक्ताओं के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की मांग भी की गई है। इसके अतिरिक्त यह भी कहा गया है कि बिना अधिवक्ता के विधिवत वकालतनामे के कोई भी मुकदमा निर्णित न किया जाए। साथ ही तहसील मुख्यालय सरधना पर स्थित सभी सिविल एवं राजस्व न्यायालयों के कार्यालयों में अधिवक्ता और लिपिक/मुंशी के अतिरिक्त किसी अन्य व्यक्ति का प्रवेश पूर्ण रूप से वर्जित किया जाए तथा इस संबंध में कार्यालयों के गेट पर सूचना चस्पा कराई जाए। बार एसोसिएशन का कहना है कि न्यायालय परिसर में अनधिकृत व्यक्तियों के प्रवेश से भ्रष्टाचार को बढ़ावा मिलता है, जिसे रोकना अत्यंत आवश्यक है। अंत में बार एसोसिएशन ने समस्त न्यायालयों के पीठासीन अधिकारियों से इस प्रस्ताव पर सहयोग की अपेक्षा की है। इस पत्र की प्रतिलिपि उपजिलाधिकारी, उपजिलाधिकारी न्यायिक, तहसीलदार, तहसीलदार न्यायिक तथा नायब तहसीलदारों को भी प्रेषित की गई है। इस अवसर पर सरधना बार एसोसिएशन अध्यक्ष विक्रम त्यागी, पूर्व बार अध्यक्ष मलखान सिंह सैनी,एडवोकेट सैय्यद आरिफ अली, एडवोकेट सोहित त्यागी एडवोकेट दिनेश गोयल, एडवोकेट ठा. रिछपाल सिंह सोम, एडवोकेट चौ. बलवीर सिह, एडवोकेट सत्यवीर सिंह, राकेश त्यागी, नितिन चांदना, संजीव पंवार हिमेन्द्र सैनी , भारत भूषण, पोयम चन्देल, एडवोकेट सुशील कुमार, शबाना मालिक सहित अनेक अधिवक्ता मौजूद रहे।

