मेरठ संवाददाता एन 20 न्यूज
मेरठ ।चुनाव आयोग द्वारा चल रही एसआईआर (स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन) प्रक्रिया के चलते प्रशासनिक अधिकारी इस समय भारी कार्यदबाव और मानसिक तनाव में नजर आ रहे हैं। यही कारण रहा कि शनिवार को आयोजित सरधना तहसील दिवस में अधिकारी नहीं पहुंचे, जिससे फरियादियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा।तहसील दिवस में अपनी समस्याएं लेकर पहुंचे फरियादी अधिकारियों के इंतजार में भटकते रहे। थोड़ी देर तक इंतजार करने के बाद जब कोई जिम्मेदार अधिकारी नहीं पहुंचा, तो लोगों में नाराजगी देखने को मिली। फरियादियों का कहना था कि यदि अधिकारियों को तहसील दिवस में उपस्थित नहीं होना था तो एक दिन पूर्व ही इसकी सूचना मीडिया के माध्यम से आम जनता तक पहुंचाई जानी चाहिए थी, जिससे उनका समय और ऊर्जा बर्बाद न होती।फरियादियों ने बताया कि वे पहले से ही अपनी समस्याओं को लेकर मानसिक तनाव में चल रहे थे। ऊपर से तहसील में पहुंचने के बाद भी जब कोई समाधान नहीं मिला तो उन्हें और अधिक तनाव का सामना करना पड़ा। लोगों का कहना था कि समाधान दिवस सिर्फ नाम मात्र का रह गया, जबकि समस्याओं के समाधान के लिए कोई ठोस प्रयास नहीं हुआ।सूत्रों के अनुसार, कुछ समय के लिए केवल तहसीलदार ही मौके पर पहुंचीं और सीमित संख्या में कुछ लोगों की समस्याएं सुनीं, लेकिन बाद में किसी अन्य बैठक के चलते वह भी वहां से चली गईं। इसके बाद समाधान दिवस लगभग पूरी तरह ठप हो गया।फरियादियों ने प्रशासन पर नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि यदि इसी तरह समाधान दिवस केवल औपचारिकता बनकर रह जाएगा तो आम जनता का प्रशासन पर से विश्वास उठता चला जाएगा। लोगों ने मांग की कि भविष्य में इस तरह की स्थिति से बचने के लिए पूर्व सूचना और वैकल्पिक व्यवस्था जरूर की जाए।

