शौहिद सैफी संवाददाता एन 20 न्यूज़
परिजनों ने 200 रूपए लेते हुए बनाई वीडियो।
एंबूलेंस अधिकारियों द्वारा कारवाई नहीं होने पर मुख्यमंत्री से की शिकायत।
परीक्षितगढ़।प्रसव के बाद महिला को घर छोडने के नाम पर 102 एंबूलेंस पर तैनात ईमएटी 200 रूपए की रिश्वत लेते हुए वीडियों में दिखाई दे रहा है। आशा ने इस मामले की शिकायत 102-108 एबूलेंस अधिकारियों से की है। कार्रवाई नहीं होने पर मुख्यमंत्री पोर्टल पर शिकायत कर कार्रवाई की मांग की है।प्रदेश सरकार में चल रही सरकारी एंबूलेंस 102-108 मरीजो की जान बचाने में अहम भूमिका अदा करती है। सरकार गरीबों को मुफ्त उपचार देने का वादा करती नहीं थकती है। लेकिन एंबूलेंस कर्मी अपनी मनमानी पर उतारू है। जिसके चलते गरीब लोगों को एंबूलेंस सुविधा का मुफ्त लाभ नहीं मिल पा रहा है। थाना किठौर के गांव ललियान निवासी आशा अफशा ने आरोप लगाते हुए बताया गर्भवती शाहीन पत्नी नदीम जो गरीब है। शाहीन की प्रसव पीड़ा बढ़ जाने पर सीएचसी परीक्षितगढ़ भर्ती करया था। जहां उसने गत माह 8 जुलाई को एक बच्चे को जन्म दिया था। परीक्षितगढ़ सीएचसी पर एबूलेंस १०२ पर तैनात ईमएटी ने रात्रि में महिला को उसके घर पर छोड़ने से मना करने पर परिजनों द्वारा गुहार लगाने पर वह उसके गांव छोड़ने गया लेकिन उसके एवेज में उसने 200 रूपए की रिश्वत मांगी। जहां परिजनों ने ईमएटी को 200 रूपए देते हुए की वीडियो बना ली है। ईमएटी वीडियों में पैसे लेते हुए दिखाई दे रहा है। एंबूलैस चालक साथ मे नहीं था। एंबूलेंस को ईमएटी ही चला रहा था। जो नियम विरूद्ध है आशा ने इस मामले की शिकायत एंबूलैस अधिकारियों से की है। आशा का आरोप है। वीडियों भेजने के बाद भी कार्रवाई नहीं की गई आशा ने मुख्यमंत्री पोर्टल पर शिकायत कर कार्रवाई की मांग की है।
एंबुलैस सुविधा के लिए देनी होगी सुविधा शुल्क।
सरकार द्वारा चलाई जा रही 102 व 108 एंबूलेंस सेवा निः शुल्क है। लेकिन कुछ एंबूलेंस कर्मी सरकार की योजना को पलीता लगा रहे है। मरीजों व उसके तीमारदरों से छोडने के नाम पर अवैध वसूली कर रहे है। जिससे लोगों को निः शुल्क एंबुलेंस सेवाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा है। एंबुलेंस सेवा में घायलों व गर्भवती महिलाओं को समय से उपचार मिलने से जान बचाई जा सके लेकिन यह सेवा सुविधा शुल्क के साथ मरीजों को मिल रही है।इस संबंध में जिला प्रोग्राम मैनेजर आदित्य राणा ने बताया ईमएटी मोहित की 200 रूपए की रिश्वत लेते हुए वीडियों मिल गई है। ईमएटी को डयूटी ऑफ कर दिया गया है। तथा ईमेल लखनऊ अधिकारियों को भेजी जाएगी। जिसके बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।आशा अफसा ने बताया कि एबूलेंस 102 पर तैनात ईमएटी मोहित ने रात्रि में घर छोडने के लिए 200 रूपए की रिश्वत ली है। रिश्वत देने क बाद ही उसने मेरा आधार कार्ड दिया इस मामले की शिकायत एबुलेंस अधिकारियों से की थी। लेकिन कार्रवाई नहीं होने पर मुख्यमंत्री पोर्टल पर की है।

