मेरठ संवाददाता एन 20 न्यूज़
रोहटा : पुलिस की लापरवाही के कारण रामवीर की मौत के मामले में देर शाम आखिर हंगामा खड़ा हो गया। रामवीर के परिजनों ने पुलिस पर हत्या का आरोप लगाते हुए मेरठ-बडौत रोड जाम कर दिया और पूरे थाने को सस्पेंड करने की मांग पर अड़े रहे। रात 8 बजे से लेकर देर रात तक रोड पर जाम लगा हुआ दा और कई थानों की पुलिस मौजूद थी। सीओ सरधना आशुतोष कुमार और सीओ मवाना संजय कुमार जायसवाल पुलिस फोर्स के साथ जाम खुलवाने के लिए लगे हुए थे। लेकिन आक्रोशित ग्रामीणों ने पुलिस पर आरोप लगाया कि पुलिस ने घायल रामवीर को उपचार करने के बजाय 151 में चालान करके भेजा जिससे उसकी गिरने पर मौत हुई है। परिजनों का आरोप था कि पुलिस की लापरवाही से ही रामवीर की मौत हुई है। इसे लेकर ग्रामीण थाना प्रभारी नीरज बघेल के खिलाफ 302 का मुकदमा दर्ज करने और पूरे थाने को सस्पेंड करने की मांग करते हुए हंगामा खड़ा कर दिया। मौके पर काफी संख्या में महिलाएं और बच्चे पहुंच गए और रोना-धोना शुरू कर दिया और रोड पर बैठकर मेरठ-बडौत रोड को जाम कर दिया। कई घंटे तक लगातार हंगामा चलता रहा और पुलिस मूकदर्शक बनी हुई खड़ी देखती रही। लेकिन आक्रोशित महिलाएं और पुरुष थाना सस्पेंड करने की मांग पर देर रात तक अड़े हुए थे।इसे लेकर पुलिस अधिकारों के पसीना छूट रहे थे। मौके पर रोहटा,सरूरपुर व जानी सहित कई थानों की पुलिस मौजूद थी। लेकिन ग्रामीणों का लगातार हंगामा चल रहा था।
पुलिसिया कार्यवाही पर हुआ सवालिया निशान खड़े
दरअसल छज्जा लगाने को लेकर दो पक्षों में हुए विवाद के बाद रामवीर में दो अन्य को चोटे आई। जिसके बाद पुलिस ने सभी का 151 में चालान कर दिया। इसके चलते रामवीर को भी 151 में चालान करने के बाद मेरठ एसडीएम कोर्ट में पेश किया गया। बताया गया कि वहां से निकलने के थोड़ी देर बाद ही रामवीर की हालत बिगड़ गई और चक्कर खाकर जमीन पर गिर गया। परिजनों ने बताया पहले से ही सिर में चोट लगी हुई थी। जिस कारण रामवीर चक्कर खाकर गिर और उसके सिर में और चोट लगने के कारण उसकी मौत हो गई। इसे लेकर सवाल खड़ा होता है कि जब रामवीर घायल तथा उसका पहले उपचार कराया जाना चाहिए था। लेकिन पुलिस ने ऐसा नहीं किया जिसे लेकर पुलिस खुद कटघरे में खड़ी हो रही है।

परिजनों में पुलिस पर लगाया खुला हत्या का आरोप
थाने के सामने रामवीर का शव रख कर जाम लगा रहे परिजनों और आक्रोशित ग्रामीणों ने थानाध्यक्ष नीरज बघेल पर खुला हत्या का आरोप लगाते हुए कहा कि जानबूझकर रामवीर का उपचार नहीं कराया और उसकी चक्कर आने के कारण जमीन पर गिरकर मौत हुई है। इसके लिए पूरी तरह से थानाध्यक्ष जिम्मेदार है उनके खिलाफ 302 का मुकदमा दर्ज होना चाहिए।इसे लेकर आग बबूला हुए ग्रामीण काफी आक्रोशित दिखाई दिये और पुलिस के प्रति उनमे काफी विरोध भरा हुआ था। इसे लेकर हंगामा कर रहे परिजनों का आरोप था कि पुलिस ने जान बूझकर रामवीर की हत्या की है।परिजनों की मांग थी कि थाना प्रभार नीरज बघेल के खिलाफ 302 का मुकदमा दर्ज होना चाहिए।

