हिंदू मुस्लिम एकता सौहार्द की मिसाल कायम की ।
शौहिद सैफी संवाददाता एन 20 न्यूज़
परीक्षितगढ़।मजहब नहीं सिखाता आपस में बैर रखना, हिंदी हैं हम वतन हैं हिंदोस्ता हमारा कुछ इसी तरह का संदेश देते हुए एक मुस्लिम युवक द्वारा कांवड़ यात्रा में शामिल होकर सौहार्द की मिशाल पेश कर सबका ध्यान आकर्षित किया है। यह घटना समाज में एकता और सौहार्द की भावना को बढ़ावा देने का एक अच्छा उदाहरण है।
एकता की राह पर चलना ही होगा,सौहार्द की मिशाल पेश करना ही होगा,
हर धर्म, हर जाति के लोग एक हैं,इसी सोच को आगे बढ़ाना ही होगा। मानो शायर की पंक्तियां राम नगर निवासी अल्लू के लिए ही लिखी गई हो।गांव रामनगर निवासी एक मुस्लिम युवक अल्लू पुत्र हनीफ की भगवान शिव में आस्था है निर्धन परिवार से होने के बावजूद भी तीसरी बार भगवान आशुतोष का जलाभिषक किया है अपने चार भाई बहनों में सबसे छोटा है। कांवड़ यात्रा में शामिल होकर समाज में एकता और सौहार्द की भावना को बढ़ावा देने का काम किया हैं।
सौहार्द की मिशाल
मुस्लिम अल्लू की पहल ने समाज में एक नई सोच को जन्म दिया है। लोगों ने इस युवक की पहल की सराहना की है और समाज में एकता और सौहार्द को बढ़ावा देने के लिए प्रेरित किया है।
एकता का संदेश ।
इस घटना ने समाज में एकता और सौहार्द के महत्व को उजागर किया है। यह घटना हमें सिखाती है कि हमें एक दूसरे के साथ मिलकर रहना चाहिए और समाज में एकता और सौहार्द को बढ़ावा देना चाहिए।
धर्म और राजनीति की राजनीति करने वालो को दिखाया आईना।
दोनों हाथ एक साथ मिलकर,एकता की राह पर चलेंगे।हिंदू-मुस्लिम भाई-भाई,सौहार्द की मिशाल पेश करेंगे।”हिंदू-मुस्लिम की एकता की खुशबू फैलाएं।रामनगर निवासी अल्लू ने दो बार डांक कांवड़ व एक बार 17 घंटे में हरिद्वार से बिना रुके गांव के शिव मंदिर पर जलाभिषेक किया अल्लू का कहना है कि वह धर्म राजनीति को नहीं जानता। उसने देश में चल रही राजनीति के खिलाफ खड़े होकर कावड़ लाकर दोनों धर्म के प्रेम और सौहार्द को दर्शाया है। गांव पहुंचने पर पूर्व जिला पंचायत सदस्य विजय धामा, तुषार धामा, मोहित धामा, पूर्व प्रधान शिव शंकर, गुरमीत आदि ने अल्लू का फुल मालाओं से स्वागत कर स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया।

