मेरठ संवाददाता एन 20 न्यूज़
मेरठ। नगर की अव्यवस्थाओं, बदहाल मूलभूत सुविधाओं और तहसील प्रशासन की उपेक्षा के खिलाफ मोहल्ला आदर्श नगर निवासी सत्यवीर सिंह ने आंदोलन का बिगुल फूंक दिया है। सत्यवीर सिंह तहसील परिसर में एसडीएम कार्यालय के सामने अन्य पीड़ितों के साथ मिलकर अनिश्चितकालीन धरने पर बैठे हैं। बावजूद इसके उनकी कोई सुनवाई नहीं हो रही है।सत्यवीर सिंह ने बताया कि तहसील स्तर पर फैले भ्रष्टाचार ने आम लोगों का जीना मुश्किल कर दिया है। सरकारी दफ्तरों में बिना रिश्वत के कोई काम नहीं होता और रिश्वत देने के बाद भी काम समय से नहीं होता। तहसील में आने वाले ग्रामीणों और नगरवासियों को घंटों लाइन में खड़ा रहना पड़ता है, लेकिन अंत में उन्हें मायूसी और अपमान के सिवा कुछ नहीं मिलता।उन्होंने बताया कि अधिकारियों और कर्मचारियों की मनमानी इस हद तक बढ़ चुकी है कि अब कोई फरियादी उनकी बात तक सुनने को तैयार नहीं है। सत्यवीर सिंह ने कहा कि उन्होंने दर्जनों बार अपनी पीड़ा अफसरों के सामने रखी, पर हर बार आश्वासन के सिवा कुछ नहीं मिला। इस दौरान कई एसडीएम आए और चले गए, लेकिन किसी ने भी धरने पर बैठे लोगों की सुध नहीं ली।उन्होंने बताया कि वे और उनके साथ अन्य लोग काफी समय से धूप, बारिश और कठिन परिस्थितियों में भी धरने पर डटे हुए हैं, लेकिन प्रशासन ने उन्हें नजरअंदाज कर दिया। सत्यवीर का कहना है कि प्रशासन की यह चुप्पी और बेरुखी अब असहनीय हो गई है। उन्होंने कहा कि यदि शनिवार तक उनकी समस्याओं की सुनवाई नहीं हुई, तो वे मजबूर होकर साइकिल से लखनऊ के लिए रवाना होंगे।सत्यवीर सिंह ने यह भी ऐलान किया कि वह मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात कर सरधना तहसील में हो रहे भ्रष्टाचार, अनियमितताओं और आम जनता की उपेक्षा की शिकायत करेंगे। उनका कहना है कि जब स्थानीय अधिकारी आम जनता की बात नहीं सुनते, तब मुख्यमंत्री ही आखिरी उम्मीद हैं।उन्होंने अपील की कि सरधना के अन्य पीड़ित लोग भी इस आंदोलन से जुड़ें और जनहित की लड़ाई में भाग लें। सत्यवीर सिंह की इस पहल को स्थानीय स्तर पर कई लोगों का समर्थन भी मिल रहा है और धीरे-धीरे यह आंदोलन जन आंदोलन का रूप लेता दिख रहा है।

