मेरठ संवाददाता एन 20 न्यूज़
मेरठ।अब्दुल्लापुर हुसैनी चौक पर ईद-ए-गदीर के अवसर पर जगह जगह शरबत की सबील लगाई ओर घर घर में नियाज़ हुई इस्लामिक कैलेंडर के सबसे महत्वपूर्ण दिनों में एक है यह एक धार्मिक इस्लामिक त्योहार है जोकि शिया मुसलमान द्वारा पैगंबर मुहम्मद के बाद अली इब्राहिम अबी तालिब को नेता और धार्मिक अधिकारी के रूप में नियुक्त किए जाने की याद में मनाया जाता है. यह दिन उस घटना की याद दिलाता है जब पैगंबर मुहम्मद मक्का से मदीना लौटे थे मदीना लौटने के बाद पैगंबर ने अपने साथियों को गदीर खुम पर ठहरने का आदेश दिया. ईद-ए-गदीर में ‘गदीर’ का अर्थ होता है ‘तालाब’. गदीर ऐसा तालाब है जहां विभिन्न प्रांतों के लोग हज यात्रा के बाद अपने-अपने शहर-कस्बों में लौटने से पहले एकत्रित होते हैं और एक दूसरे को बधाई भी देते हैं. वर्तमान सऊदी अरब में गदीर खुम ‘अल-जूहफा’ शहर में स्थित है शिया मुसलमानों द्वारा ईद-ए-गदीर या ईद-अल-गदीर हर साल (इस्लामिक कैलेंडर का 12वां महीना) के 18वें दिन मनाया जाता है पैगंबर मुहम्मद के चचेरे भाई अली इब्र अबी तालिब को नेता और धार्मिक अधिकारी के रूप में नियुक्त किया गया था. इस दिन लोग उपवास (रोजा) रखते हैं, एक दूसरे से मिलते हैं और बधाई देते हैं और नमाज अदा करते हैं इस दौरान मौलाना मुजीब उल हसन मौलाना वसी हैदर, कुमैल, मोहम्मद आमिर, अलीमंजूर, मंसूर, कुमैल नकवी चुन्नू, मनी, नादिर, सैय्यद फैजी, शालू जैदी, हिलाल, शुजात अली आदि लोग शामिल रहे

