गुल्लू प्रधान के नेतृत्व में सैंकड़ों मुस्लिम समाज के लोगों ने कब्रिस्तान की भूमि को मुक्त कराने की मांग को लेकर लेखपाल से तीखी नौक -झौक।भू मफियों द्वारा दी जा रही धमकी परिवार भयभीत।
शौहिद सैफी संवाददाता परीक्षितगढ़
परीक्षितगढ़ ।कब्रिस्तान की भूमि का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। किठौर तिराहे के समीप करोड़ों की जमीन है। भूमि पर मुस्लिम समाज के कब्रिस्तान है। भू मफियों द्वारा मिट्टी डालकर भराव कर दिया गया है। गुल्लू प्रधान के नेतृत्व में सैंकड़ों मुस्लिम व अन्य समाज के लोग पहुंचे और तहसील टीम से निश्पक्ष जांच कर कब्रिस्तान की भूमि को कब्जा मुक्त कराने की मांग की। तहसील प्रशासन टीम विवादिम भूमि की जांच के दौरान मुस्मिल समाज व अन्य समाज के लोगों की लेखपाल से तीखी नौक नौक भी हुई। मुस्लिम समाज के लोगों में आक्रोश उत्पन है। नगर के किठौर तिराहे पर खसर नंबर १४६८ वर्षों से कब्रिस्तान की भूमि है। रकबा ५१० वर्ग मीटर है। वफ्फ नंबर ५ गजट २७७ है। इसमें पुरखों की कब्रें है। तिराहे के समीप होने पर बेश कीमती भूमि है। भूमाफिया व अन्य पांच साथियों ने गत २२ मई की रात मिट्टी डालकर भराव कर कब्जा कर लिया है। भू माफिया विरोध करने पर जान से मारने की धमकी व फर्जी मुकदमें में फसाने की धमकी दे रहे है। धमकी मिलने से परिवार के लोग भयभीत बने हुए है। गुल्लू प्रधान के नेतृत्व में मुस्लिम समाज ने मेरठ जिलाधिकारी व सांसद संजय चौहान से जांच कराकर कब्रिस्तान की भूमि को कब्जा मुक्त कर चार दीवारी कराने की मांग कर चुके है। सोमवार करीब चार बजे तहसील प्रशासन टीम में शामिल नायब तहसीलदार अंकित तोमर, रितेश सैनी, लेखपाल अजय उपाध्याय ने विवादित भूमि की जांच कर पैमाईश की। पैमाईश के दौरान गुल्लू प्रधान के नेतृत्व में मुस्लिम व अन्य समाज के लोगों की लेखपाल अजय उपाध्याय से तीखी नौक झौंक भी हुई। तथा इस दौरान सड़क मार्ग पर जाम की स्थिति बनी रही। मुस्लिम समाज के लोगों ने आरोप लगाते हुए बताया कि तहसील प्रशासन टीम में शामिल अधिकारियों ने जांच के नाम पर खानपूर्ति की है। कब्रिस्तान की भूमि की पैमाईश नहीं की है। जिससे साफ जाहिर होता है। भू मफियों के साथ तहसील टीम है। मुस्लिम समाज का कहना है। इस मामले की शिकायत मुख्य मंत्री से भी की जाएगी। इस दौरान पूर्व प्रधान वहाब अली, रालोद नेता बिजेंद्र भाटी, प्रधान जरीफ, गुड्डू सैफी, अमरीश उर्फ गुड्डू, तरीकत, वरीश, इकरार, दिलशाद, संदीप, फारूख, इकबाल, मौलाना आरिफ, बारी, जावेद, मेहरबान, रिजवान, अफजाल सहित सैकड़ों मुस्लिम समाज के साथ अन्य समाज के लोग भी मौजूद रहे।

