मेरठ संवाददाता एन 20 न्यूज
सरधना। बूथ डे के अवसर पर सरधना क्षेत्र के विभिन्न मतदान केंद्रों पर मतदाताओं को उस समय परेशानी का सामना करना पड़ा, जब कई बूथों पर बूथ लेवल ऑफिसर (बीएलओ) निर्धारित समय से पहले ही अनुपस्थित हो गए। चुनाव आयोग के निर्देशानुसार नोटिस वितरण की प्रक्रिया तो की गई, लेकिन अधिकांश केंद्रों पर बीएलओ केवल दोपहर दो बजे तक ही मौजूद रहे। इसके बाद बूथों पर पहुंचे मतदाताओं को अधिकारियों के न मिलने से निराशा और भ्रम की स्थिति उत्पन्न हो गई।स्थिति को देखते हुए शाहवेज़ अंसारी, फरमान अंसारी, मोहसिन अंसारी सहित अन्य सामाजिक कार्यकर्ताओं ने स्वयं आगे बढ़कर विभिन्न बूथों का दौरा किया। उन्होंने नोटिस में दर्ज मतदाताओं के नामों की जांच कर लोगों को आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराई और प्रक्रिया को समझाया।इस मौके पर शाहवेज़ अंसारी ने कहा कि बूथ डे का मुख्य उद्देश्य मतदाताओं को बूथ पर ही सभी सुविधाएं उपलब्ध कराना होता है, लेकिन समय से पहले बीएलओ का चले जाना चुनावी प्रक्रिया के उद्देश्य के विपरीत है। उन्होंने बताया कि दोपहर बाद बड़ी संख्या में मतदाता बूथों पर पहुंचे, लेकिन वहां कोई जिम्मेदार अधिकारी मौजूद नहीं था, जिससे लोगों में असंतोष देखने को मिला।उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि नोटिस प्राप्त करने वाले कई मतदाता असमंजस में थे। ऐसे में सामाजिक कार्यकर्ताओं ने उन्हें बताया कि चुनाव आयोग द्वारा स्व-प्रमाणित दस्तावेज़ों की केवल सांकेतिक सूची जारी की गई है। मतदाता अपने पास उपलब्ध वैध सरकारी दस्तावेज़ों के आधार पर प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं। इनमें पहचान पत्र, जन्म प्रमाण पत्र, पासपोर्ट, शैक्षिक प्रमाण पत्र, स्थायी निवासी प्रमाण पत्र, जाति प्रमाण पत्र, परिवार रजिस्टर, भूमि या मकान आवंटन से संबंधित सरकारी दस्तावेज़ शामिल हैं। आधार से जुड़े मामलों में चुनाव आयोग द्वारा 9 सितंबर 2025 को जारी दिशा-निर्देश लागू होंगे। साथ ही 1 जुलाई 2025 के संदर्भ में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) की निर्वाचक नामावली का अंश भी मान्य दस्तावेज़ों में शामिल है।अंत में सामाजिक कार्यकर्ताओं ने प्रशासन से मांग की कि भविष्य में बूथ डे के दिन बीएलओ पूरे निर्धारित समय तक अनिवार्य रूप से बूथों पर उपस्थित रहें, ताकि किसी भी मतदाता को अनावश्यक परेशानी न हो और चुनावी प्रक्रिया पारदर्शी व सुचारू रूप से संपन्न हो सके।

