शौहिद सैफी संवाददाता एन 20 न्यूज
परीक्षितगढ़- बाढ़ का प्रकोप को देखते हुए खादर क्षेत्र के गांव मीरपुर साधु हजारों बीघा भूमि गंगा के कटान में समा गई है। गंगा के कटान से ग्रामीण भयभीत है। लोगों ने खुद ही अपने आशियाने उजाडने शुरू कर दिये है। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने शिविर लगाकर दवाईयां वितरित की तथा प्रशासन लोगों की सहायता के लिए लगा हुआ है। खादर क्षेत्र में भारी वर्षा ने हाहाकार मचा दिया है। जिससे गंगा में उफान पर है। और गंगा का पानी में किसानों की हजारों बीघा भूमि समां गई है। बाढ़ के प्रकोप से ग्रामीणों ने अपने अशियाने खुद उजाडने में लगे हुए है। तथा रास्तों में जल भराव की स्थिति बनी हुई है। खरखाली गांधी गंगा घाट स्थित मीरपुर साधु में गंगा लगातार कटान कर रही है। गंगा का रूद्ध रूप देखते हुए ग्रामीण चिंतित है। तथा २५ परिवार के लोगों ने अपने मकान बना कर जीवन यापन करते है। लेकिन बाढ़ का रूद्ध रूप को देखते हुए सभी परिवार अपने घरों को उखाड़कर अन्य स्थानों पर ले जा रहे है। परिवार के सामने पेट भरने के लिए खाद्यय सामग्री भी नहीं है। सरकार से मुवाएजें की मांग की।
बाढ़ पीड़ितों का पलायान जारी
बाढ ने विकराल रूप धारण कर लिया है। गंगा के समीप बना गांव मीरपुर साधु नगला के निवासी सोनू, अतुल,राम नरेश,यशवीर, शिशुपाल, रामोतार आदि ग्रामीण परिवार के साथ पलायन कर रहे है। सुरक्षित स्थान पर जा रहे है।
स्वास्थ्य शिविर में लोगों का उपचार।
बाढ़ पीड़ितों के लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा प्राचीन झारखंडी मंदिर, मीरपुर साधु में सीएचसी प्रभारी डॉ रवि शंकर शर्मा के नेतृत्व में डॉ लता गौतम, डॉ, ब्रिजेश, डॉ ललिता, जसवीर कुमार,बीसीपीएम शाह आलम, आदि ने मरीजों की जांच कर दवाइयां तथा सीएच ओ जितेन्द्र, रामगोपाल, राजेन्द्र रिजाऊल खांन बुधवार की रात्रि में पलायन कर आए लोगों को दवाईयां वितरित की।

