मेरठ संवाददाता एन 20 न्यूज
सरधना। गंज बाजार में एक संपत्ति को खाली कराने के मुद्दे पर बीती रात से ही तनाव और हंगामा जारी है। इस मामले में दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर गंभीर आरोप लगाए हैं, जिसके बाद यह विवाद पुलिस के हस्तक्षेप तक पहुंच गया। फिलहाल, पुलिस की मौजूदगी में दोनों पक्षों ने बुधवार तक आपसी सहमति से समाधान निकालने का निर्णय लिया है। बताया गया है कि अलीपुर निवासी प्रमुख प्रसाद गुप्ता ने करीब तीन साल पहले गंज बाजार में एक संपत्ति खरीदी थी, जिसमें दो दुकानें किराए पर हैं। इन दुकानों में से एक में गोपाल मेडिकल स्टोर के मालिक हरीश चंद्र बिंद्रा कई दशकों से दुकान चला रहे हैं, जबकि दूसरे किराएदार नवीन कुमार जैन अपनी नवीन पान भंडार नामक दुकान चलाते हैं। पिछले तीन सालों से मकान मालिक और किराएदारों के बीच दुकान खाली कराने को लेकर बातचीत चल रही थी, लेकिन कोई समाधान नहीं निकल पाया।किरायेदारों का आरोप है कि शुक्रवार की आधी रात करीब 12:30 बजे, मकान मालिक पक्ष ने कुछ लोगों को बुलाया और गुपचुप तरीके से दुकानों के पीछे की दीवार तोड़ दी। उन्होंने दुकानों में रखे सामान को अपने घर में रख लिया और अपने ताले लगा दिए। अंदर तोड़फोड़ की आवाज सुनने के बाद पड़ोस में रह रहे लोगों ने हरिश्चंद्र को इस बात की जानकारी दी सूचना पर हरिश्चंद्र ने पुलिस को मामले से अवगत कराया और खुद मौके पर पहुंचा, नवीन जैन भी मौके पर पहुँचा मौके पर पहुंची पुलिस ने दोनों पक्षों को समझा-बुझाकर मामला शांत कराया, जिसके बाद वे लौट गए। शनिवार सुबह करीब 11 बजे, यह विवाद फिर से भड़क उठा। जब किरायेदारों ने मकान मालिक द्वारा लगाए गए ताले तोड़कर अपनी दुकानों में जाने की कोशिश की, तो दोनों पक्षों के बीच तीखी बहस हुई, जो जल्द ही मारपीट में बदल गई। इस हंगामे से पूरे बाजार में तनाव का माहौल बन गया। दोनों पक्ष में एक दूसरे के खिलाफ मारपीट करने का आरोप लगाया है। सूचना मिलते ही पुलिस दोबारा मौके पर पहुंची और दोनों पक्षों को थाने ले आई।थाने में घंटों की बातचीत के बाद, यह तय हुआ कि दोनों पक्ष इस मामले को बुधवार तक आपसी सहमति से हल करने का प्रयास करेंगे। फिलहाल, यह देखना बाकी है कि क्या दोनों पक्ष इस जटिल मुद्दे का शांतिपूर्ण समाधान निकाल पाएंगे या यह मामला आगे भी जारी रहेगा। मामले की जानकारी मिलने के बाद पश्चिमी उत्तर प्रदेश संयुक्त व्यापार मंडल के अध्यक्ष वीरेंद्र चौधरी और महामंत्री ललित गुप्ता भी अपनी टीम के साथ वहां पहुंचे उनका कहना है कि मामला आपसी बातचीत से सुलझाना चाहिए था लेकिन मकान मालिक ने रात में दीवार तोड़कर कानून तोड़ने का काम किया है यदि पुलिस ने किराएदारों की बात को अनसुना किया और मकान मालिक के खिलाफ मामला दर्ज नहीं किया तो वह इस मामले को लेकर उच्च अधिकारियों से मिलेंगे और बाजार बंद करने की नौबत भी आ सकती है।

