मेरठ संवादाता एन 20 न्यूज
गायब बच्चों के शव मिलने की सूचना पर ग्रामीणों ने चौकी पुलिस का घेराव कर किया हंगामा
मृतकों के परिजनों व ग्रामीणों ने मेरठ बागपत मार्ग जाम कर दोषियों के खिलाफ हत्या का मुकदमा व गिरफ्तारी की मांग
मेरठ।कस्बा सिवालखास में रविवार से गायब एक नौ वर्षीय बालिका सहित तीन बच्चों के शव घर से कुछ दूरी पर एक प्लाट में भरे गहरे पानी में मिले। बच्चों के शव मिलने पर परिजनो में आक्रोश के चलते हत्या की आशंका के चलते सैकड़ों महिलाएं व ग्रामीणों ने सिवालखास पुलिस चौकी का घेराव कर जमकर हंगामा किया।पुलिस की कार्यवाही से आक्रोशित महिला पुरुषों ने जानी गंग नहर पुल पर पहुंच कर मेरठ बागपत राज मार्ग जाम किया।परिजनो द्वारा हत्या की तहरीर देने के बाद पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी। सिवालखास कस्बा निवासी जितेंद्र पुत्र श्रीचंद बाल्मीकि की नौ वर्षीय पुत्री मानवी पडोस के ही आठ वर्षीय रितिक पुत्र हिम्मत सिंह जाटव व आठ वर्षीय शिबू पुत्र मोनू बाल्मीकि घर से अचानक संदिग्ध परिस्थितियों में लापता हो गए । दोपहर को जब बच्चे घर नहीं पहुंचे तो परिजनों ने ग्रामीणों के साथ बच्चों को कस्बा व आस पास खेतों में भी काफी तलाश किया लेकिन कही पता नहीं चला। तब जाकर पुलिस को घटना की जानकारी दी गई।घटना की जानकारी पर प्रभारी निरीक्षक महेश राठौर सिवालखास चौकी के साथ साथ सुभारती,भोला झाल,सभी हल्का प्रभारी व थाना से अतिरिक्त पुलिस फोर्स के साथ कस्बे की सभी सीसीटीवी फुटेज चेक किए और घर घर की तलाशी अभियान चलाया लेकिन सुबह चार बजे तक चले अभियान के बाद भी बच्चों का कही पता नहीं चला।इसी बीच सुबह नवाज को जा रहे कुछ युवकों को हाजी असलम की अमन गार्डन कालोनी में भरे पानी में तीनों बच्चों के शव तैरते दिखाई पड़े।बच्चों के शव मिलने की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और शवों में जीवन की तलाश में अस्पताल पहुंचाया गया लेकिन चिकित्सकों द्वारा मृत घोषित किए जाने पर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिए गए।बच्चों के शवों के मिलने की जानकारी पर बड़ी संख्या मे परिजन,महिलाएं व ग्रामीण सिवालखास पुलिस चौकी पहुंची और पुलिस का घेराव कर जमकर हंगामा किया।घटना के चलते एसपी देहात राकेश मिश्रा गायब ऋतिक का सीओ सरधना आशुतोष जो रात से ही शवों की तलाश में सिवालखास कैंप किए हुआ थे ने ग्रामीणों से वार्ता कर कस्बे में लगे जाम को खुलवाया लेकिन पुलिस कार्यवाही से असंतुष्ठ होकर महिलाओं व ग्रामीणों ने मेरठ बागपत हाइवे को जाम कर दिया था।जानकारी पर पुलिस अधिकारी पूर्व में सीओ सरधना रहे संजय जायसवाल ने मौके पर पहुंचे और समझ बुझा कर जाम खुलवाया।

बच्चों के शवों का तीन डाक्टरों के पैनल के कराया पोस्टमार्टम
मेरठ। सिवाल खास से गायब हुए तीन मासूम बच्चों के मिले शव की घटना में परिजनों द्वारा हत्या की आशंका व तहरीर पर शवों का तीन डाक्टरों के पैनल से पोस्मार्टम कराया गया। घटना में स्थिति स्पष्ट हो सके और परिजनो को न्याय मिल सके।
गुमशुदगी को हत्या की घटना में किया तरमीम
मेरठ।सिवालखास से गायब नाबालिक बच्चों के शव मिलने पर मृतक रितिक के पिता हिम्मत सिंह ने हत्या की आशंका जताते हुए अज्ञात हत्यारों के खिलाफ एसपी देहात राकेश मिश्रा को तहरीर दी थी। एस पी देहात राकेश मिश्रा ने तत्काल गुमशुदगी को हत्या की धाराओं में तरमीम कर परिजनों को जानकारी दी।परिजनो ने पुलिस अधिकारीयो से दोषी को गिरफ्तार करने की गुहार लगाई तो थाना प्रभारी निरीक्षक महेश राठौर ने आश्वाशन दिया। और मेरठ एटीएम ई सत्य प्रकाश ने शासन की ओर से मृतकों के परिजनों को चार-चार लाख रुपए की आर्थिक सहायता दीवाने का आश्वासन भी दिया ।

परिजनो को मांग पर बुलाया डॉग स्क्वायड
मेरठ।सिवालखास में रविवार से गायब तीन बच्चों के शव मिलने पर परिजनो ने ग्रामीणों ने कई बार जाम लगा कर हंगामा किया।घटना के बाद हंगामा कर रहे ग्रामीणों ने हत्यारों की पहचान के लिए डॉग स्क्वायड बुलाने की मांग की तो सी ओ सरधना आशुतोष कुमार ने डॉग स्क्वायड बुलाने की अधिकारियों से मांग की।तब जाकर डॉग स्क्वायड सिवालखास पहुंचा और घटना स्थल पर पहुंच कर जांच की ।

हर कोनो पर तीस साल से मिलती बच्चों की लाश, यही है सिवालखास का इतिहास
बच्चों के गायब होने के बाद मिलती रही लाश,आज तक किसी भी घटना का नहीं हुआ राज पाश

मेरठ।कस्बा सिवाल खास में करीब तीस साल से संदिग्ध परिस्थितियों में नाबालिब बच्चों के गायब होने व उनके शवो के मिलने का सिलसिला आज भी बा दस्तूर जारी है।रविवार से गायब कस्बे से दो बाल्मीकि व एक दलित परिवार से गायब बच्चों के शव कस्बे के ही एक प्लाट में मिले।परिजनो ने शवों की हत्या का सीधा आरोप लगाया लेकिन पुलिस से केवल कार्यवाही का आश्वासन ही मिला।यह सिलसिला करीब तीस साल से हेल रहा है। सिवालखास में अब तक सैकड़ों नाबालिक बच्चे गायब होते रहे और उनके शव कभी खेत तो कभी बाग में मिलते रहे।इन घटनाओं का आज तक पुलिस कोई खुलासा नहीं कर पाई है। सिवालखास का यह इतिहास आज भी बा दस्तूर जारी है।क्या कोई अधिकारी इस मिथक को तोड़ पाएगा,क्या पीड़ित परिवार को कोई न्याय मिल पाएगा।यह सवाल ही नहीं परिवारों की दहशत खत्म हो पाएगी?भारी पुलिस फोर्स की मौजूदगी के बावजूद पल पल स्थिति बनती बिगड़ती रही। एस पी देहात राकेश मिश्रा,सीओ सरधना आशुतोष सीओ मवाना संजय जायसवाल, तहसीलदार ज्योति के अलावा,थाना प्रभारी सरधना,थाना प्रभारी रोहटा,थाना प्रभारी निरीक्षक परतापुर,थाना प्रभारी निरीक्षक परीक्षितगढ़,थाना प्रभारी खरखोदा, क्यूआरटी आदि पुलिस बल मौजूद रहा।

