मेरठ संवाददाता एन 20 न्यूज
सरधना । किसानों की समस्याओं को लेकर 10 दिन पहले भारतीय किसान यूनियन के जिला अध्यक्ष कालू प्रधान के नेतृत्व में तहसील सरधना में हुए बड़े धरने के बाद प्रशासन हरकत में आया। एसडीएम सरधना की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण बैठक बुलाई गई, जिसमें किसानों के प्रतिनिधिमंडल ने अपनी ज्वलंत समस्याओं को सामने रखा। बैठक में अधिकतर समस्याओं का तत्काल निवारण किया गया, जबकि कुछ गंभीर मुद्दों पर एक विशेष समिति का गठन किया गया है।बिजली विभाग के खिलाफ किसानों का आक्रोश बैठक में बिजली विभाग को लेकर किसानों का गुस्सा खुलकर सामने आया। किसान नेताओं ने आरोप लगाया कि बिजली से संबंधित समस्याओं के लिए हेल्पलाइन नंबर पर लगातार फोन करने के बावजूद कोई भी कॉल रिसीव नहीं होती, जिससे किसानों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है।दबथुवा क्षेत्र में हाइ-टेंशन बिजली लाइन की ऊंचाई बहुत कम होने का मुद्दा उठाया गया, जिससे लगातार हादसों का खतरा बना रहता है। किसानों ने जर्जर तारों को बदलकर ट्रांसफॉर्मर को सुचारू रूप से चलाने की मांग की। इस पर अधिशासी अभियंता ने कहा कि सभी जगह तार बदलना संभव नहीं है क्योंकि संसाधनों की कमी है। किसानों ने साफ़ शब्दों में कहा कि जर्जर तारों के कारण आए दिन हादसे हो रहे हैं, लेकिन बिजली विभाग स्थिति को सुधारने के लिए गंभीर नहीं है। किसान नेता हिवाल कांबोज ने बताया कि 28 तारीख को उन्होंने 10 बार कॉल किया, लेकिन किसी भी अधिकारी ने फोन नहीं उठाया। उन्होंने इस समस्या का स्थायी समाधान कराने की मांग की।बैठक में सड़कों पर खड़े होने वाली बसों और देवी मंदिर के पास लगने वाले जाम की समस्या पर भी चर्चा हुई। इस मामले में, तहसील प्रशासन, नगर पालिका और पुलिस ने मिलकर काम करने का फैसला किया है। कालंद चुंगी बाजार में अभियान चलाने के लिए एक संयुक्त टीम का गठन किया गया है। थाना प्रभारी ने भी आश्वासन दिया कि पुलिस बल इस अभियान में पूरा सहयोग करेगा।हालांकि, किसानों और व्यापारियों ने पहले भी ऐसे अभियानों के राजनीतिक दबाव में बंद हो जाने की बात कही। इस पर प्रशासन ने भरोसा दिलाया कि इस बार कोई भी दबाव काम नहीं करेगा और अभियान पुलिस और मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में चलाया जाएगा। अभियान में व्यापार मंडल और नगर पालिका की संयुक्त टीम भी शामिल होगी।नगर पालिका की अधिशासी अधिकारी की अनुपस्थिति पर, एसडीएम ने बताया कि वह लखनऊ में एक महत्वपूर्ण बैठक में गई हैं।किसानों के दबाव और संघर्ष के कारण आयोजित इस बैठक को एक बड़ी सफलता माना जा रहा है। जिला अध्यक्ष कालू प्रधान के नेतृत्व में किसान प्रतिनिधिमंडल ने अधिकारियों को स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि सभी समस्याओं का समयबद्ध तरीके से निपटारा नहीं किया गया, तो किसान आंदोलन का बिगुल फूंकने में देर नहीं करेंगे। किसान नेताओं ने एकजुटता दिखाते हुए कहा कि उनका संघर्ष तब जारी रहेगा जब तक समस्याओं का समाधान नहीं हो जाता।पुालस बल इस आभयान म पूरा सहयाग करगा।हालांकि, किसानों और व्यापारियों ने पहले भी ऐसे अभियानों के राजनीतिक दबाव में बंद हो जाने की बात कही। इस पर प्रशासन ने भरोसा दिलाया कि इस बार कोई भी दबाव काम नहीं करेगा और अभियान पुलिस और म जिस्ट्रेट की मौजूदगी में चलाया जाएगा। अभियान में व्यापार मंडल और नगर पालिका की संयुक्त टीम भी शामिल होगी।नगर पालिका की अधिशासी अधिकारी की अनुपस्थिति पर एसडीएम ने बताया कि वह लखनऊ में एक महत्वपूर्ण बैठक मेंगईकिसानों के दबाव और संघर्ष के कारण आयोजित इस बैठक को एक बड़ी सफलता माना जा रहा है। जिला अध्यक्ष कालू प्रधान के नेतृत्व में किसान प्रतिनिधिमंडल ने अधिकारियों को स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि सभी समस्याओं का समयबद्ध तरीके से निपटारा नहीं किया गया, तो किसान आंदोलन का बिगुल फूंकने में देर नहीं करेंगे। किसान नेताओं ने एकजुटता दिखाते हुए कहा कि उनका संघर्ष तब तक जारी रहेगा, जब तक उनकी अंतिम समस्या का समाधान नहीं हो जाता। बैठक में अमित चौधरी, मेहराज मालिक, बबलू, वीरपाल दबथुवा, श्रीपाल, जगमलपाल, राकेश राठी, अतुल त्यागी, अभिलाष करनावल, गोलू करनावल और परमजीत करनावल सहित कई प्रमुख किसान नेता मौजूद रहे।

