मेरठ संवाददाता एन 20 न्यूज
मेरठ ।क्षेत्र के चर्चित कपसाड़ कांड में मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी और अपहृत युवती की सकुशल बरामदगी के बावजूद हालात अभी पूरी तरह सामान्य नहीं हो सके हैं। घटना के छठे दिन भी गांव और आसपास के इलाकों में तनावपूर्ण शांति बनी हुई है। हालाँकि पुलिस युवती को परिजनों के सुपुर्द कर चुकी है और आरोपी को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है, लेकिन प्रशासन किसी भी तरह का जोखिम उठाने के मूड में नहीं है।गांव की संवेदनशील स्थिति को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था पहले की तरह सख्त बनाए रखी गई है। इस जघन्य हत्याकांड और अपहरण की घटना का सीधा असर दिल्ली–उत्तराखंड को जोड़ने वाले महत्वपूर्ण चौधरी चरण सिंह कांवड़ मार्ग पर पड़ा है। जिस मार्ग पर सामान्य दिनों में वाहनों की लंबी कतारें नजर आती थीं, वहां बीते छह दिनों से सन्नाटा पसरा हुआ है और यातायात पूरी तरह ठप है।प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार, कपसाड़ गांव कांवड़ मार्ग के बेहद निकट स्थित होने के कारण एहतियातन इस रूट पर वाहनों की आवाजाही पर रोक लगाई गई है। मार्ग के सभी प्रमुख प्रवेश बिंदुओं पर बैरिकेडिंग कर भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। यदि कोई वाहन चालक भूलवश भी इस मार्ग की ओर पहुंचता है तो उसे तत्काल वापस लौटाकर हाईवे अथवा वैकल्पिक मार्गों की ओर मोड़ दिया जा रहा है।मंगलवार को उस समय प्रशासन और अधिक सतर्क हो गया, जब खुफिया विभाग से नगीना सांसद चंद्रशेखर आजाद के कपसाड़ पहुंचने की सूचना मिली। किसी भी संभावित राजनीतिक गतिविधि या विरोध प्रदर्शन की आशंका के चलते सुरक्षा इंतजाम और कड़े कर दिए गए। हालांकि बाद में चंद्रशेखर आजाद कपसाड़ आने के बजाय मुजफ्फरनगर की ओर चले गए, जहां पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया।पूरे घटनाक्रम के दौरान क्षेत्र में भारी पुलिस बल के साथ-साथ खुफिया एजेंसियां भी लगातार सक्रिय रहीं। प्रशासनिक अधिकारियों का स्पष्ट कहना है कि जब तक गांव और आसपास के इलाकों में शांति व्यवस्था पूरी तरह बहाल नहीं हो जाती, तब तक कांवड़ मार्ग पर यातायात प्रतिबंध और सख्त सुरक्षा व्यवस्था जारी रहेगी।वहीं, मार्ग बंद रहने से स्थानीय लोगों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है, लेकिन पुलिस का कहना है कि सुरक्षा सर्वोपरि है। किसी भी तरह की अप्रिय घटना को रोकने के लिए हर संदिग्ध गतिविधि पर पैनी नजर रखी जा रही है।——-

