मेरठ संवाददाता एन 20 न्यूज
मेरठ । ग्राम डूंगर में ग्राम पंचायत के सरकारी रास्ते को कब्जा मुक्त कर चौड़ीकरण व निर्माण कराने के अभियान के दौरान रविवार को विवाद हो गया। अवैध कब्जा हटाने के विरोध में कब्जाधारक पक्ष ने ग्राम प्रधान के समर्थकों पर पथराव कर दिया, जिससे गांव में अफरा-तफरी मच गई। सूचना मिलने पर रोहटा थाना पुलिस व पीआरवी मौके पर पहुंची, लेकिन तब तक दोनों पक्षों के लोग फरार हो चुके थे।गांव डूंगर की ग्राम प्रधान श्रीमती आशा सांगवान ने दो माह पूर्व सतेंद्र जाटव के मकान से मिंटू के मकान तक करीब 200 मीटर लंबे सरकारी रास्ते पर किए गए अवैध कब्जे को हटवाने के लिए प्रार्थना पत्र दिया था। डीएम के आदेश पर 11 नवंबर को तहसील टीम ने तीन थानों की पुलिस फोर्स के साथ मौके पर पहुंचकर अतिक्रमण हटाया और रास्ते की निशानदेही कर उसे ग्राम प्रधान की सुपुर्दगी में दे दिया था।रविवार को ग्राम प्रधान द्वारा उक्त रास्ते पर मिट्टी डलवाकर जेसीबी से समतलीकरण और पिलर लगाने का कार्य शुरू कराया गया। इसी दौरान गांव निवासी कब्जाधारक तेजवीर अपने समर्थकों के साथ मौके पर पहुंचा और सरकारी रास्ते पर स्टे होने का हवाला देते हुए निर्माण कार्य का विरोध करने लगा। जब ग्रामीणों ने काम रोकने से मना किया तो कब्जाधारक पक्ष ने पथराव शुरू कर दिया। पथराव के दौरान कई ग्रामीणों को मकानों में छिपकर जान बचानी पड़ी।घटना की सूचना पर रोहटा थाना पुलिस व पीआरवी ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया और रास्ता निर्माण में बाधा डालने वालों को चेतावनी दी कि यह कार्य सर्व समाज के हित में है, इसमें अड़चन डालने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। पुलिस हमलावरों के घरों पर भी पहुंची, लेकिन वे मौके से फरार मिले।बाद में दोनों पक्षों की ओर से थाना रोहटा में एक-दूसरे के खिलाफ नामजद तहरीर दी गई है। पुलिस ने मामले की जांच कर आवश्यक कार्रवाई करने की बात कही है।

