मेरठ संवाददाता एन 20 न्यूज
मेरठ।रोहटा क्षेत्र के गांव डूंगर में जालसाजी का एक गंभीर मामला सामने आया है, जहां एक किसान ने अपनी जिंदा ताई को मृत दिखाकर उसके हिस्से की जमीन को तहसील रिकॉर्ड में फर्जी तरीके से अपने नाम दर्ज करा लिया। आरोप है कि इस फर्जीवाड़े के जरिए करोड़ों रुपये मूल्य की संपत्ति हड़प ली गई। पीड़िता के वारिसों ने पूरे प्रकरण की शिकायत वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) और जिलाधिकारी से करते हुए दोषियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने व न्याय दिलाने की मांग की है। मामले की जांच शुरू होते ही तहसील कर्मियों में भी हड़कंप मच गया है।बताया गया है कि गांव डूंगर निवासी हुक्मो पत्नी स्वर्गीय जैनू की केवल एक संतान ब्रह्मकुमारी थी। पुत्र न होने के कारण जैनू की मृत्यु के बाद हुक्मो अपने भतीजों जीत सिंह व तेजवीर पुत्रगण राम सिंह के पास रहने लगी। कुछ समय बाद आपसी मनमुटाव के चलते हुक्मो अपनी बेटी ब्रह्मकुमारी की ससुराल जाकर रहने लगी।ब्रह्मकुमारी की भी केवल एक बेटी योजना देवी है। योजना देवी के पति सुरेंद्र सेना में कार्यरत थे। योजना देवी का अपने ननिहाल गांव डूंगर में लंबे समय से आना-जाना बना हुआ था। योजना देवी का कहना है कि वह अपनी नानी हुक्मो की इकलौती वारिस है। पति की नौकरी के कारण वह बाहर चली गई थी। जब पति की सेवानिवृत्ति के बाद वह गांव डूंगर लौटी और अपने मामा से नानी की जमीन में अपने हक की मांग की तो उसे बताया गया कि हुक्मो 23 वर्ष पहले ही जमीन बेच चुकी है।यह सुनकर योजना देवी स्तब्ध रह गई। उसने तहसील जाकर रिकॉर्ड की जांच कराई, जहां चौंकाने वाला खुलासा हुआ। रिकॉर्ड के अनुसार, हुक्मो के भतीजों तेजवीर और जीत सिंह ने वर्ष 2003 में तहसील कर्मियों से मिलीभगत कर हुक्मो को मृत दर्शाते हुए फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र के आधार पर उसकी पूरी संपत्ति अपने नाम दर्ज करा ली। जबकि वास्तविकता यह है कि हुक्मो की मृत्यु 11 दिसंबर 2009 को हुई थी, जिसका वैध मृत्यु प्रमाण पत्र विभाग द्वारा जारी किया गया है।इसके बाद योजना देवी ने जिलाधिकारी और एसएसपी मेरठ को शिकायती पत्र सौंपकर पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने तथा हड़पी गई संपत्ति वापस दिलाने की मांग की है।इस संबंध में जब एसडीएम सदर डॉ. दीक्षा जोशी से जानकारी ली गई तो उन्होंने बताया कि शिकायत प्राप्त हुई है। मामले की जांच कराई जा रही है, जांच के बाद ही पूरे प्रकरण की सच्चाई सामने आएगी। तहसील में जांच शुरू होने से कर्मचारियों में खलबली मची हुई है। जिंदा महिला को मृत दिखाकर उसकी संपत्ति वारिसों को न देकर भतीजों के नाम दर्ज करना एक गंभीर मामला माना जा रहा है, जिसकी गहन जांच की जा रही है।

