किसानों को नवीनतम बुवाई की जानकारी
मेरठ संवाददाता
रोहटा : बजाज चीनी मिल किनौनी के कृषकों को गन्ना फसल में लगने वाले विभिन्न कीट व रोग की जानकारी, बचाव,अधिक पैदावार लेने एवं नवीनतम गन्ना प्रजातियों की जानकारी कराने के उद्देश्य से गन्ना शोध केन्द्र मुजफ्फरनगर के पूर्व वरिष्ठ गन्ना वैज्ञानिक डाॅ. अवधेष डागर एवं चीनी मिल के महाप्रबन्धक (गन्ना) जयवीर सिंह ने सहायक महाप्रबन्धक (गन्ना विकास) आदेष तोमर,राजीव चौधरी,मनीष दहिया,दुष्यन्त त्यागी,सुरेन्द्र तोमर,विनोद नरेश, विकास सोलंकी,मनोज सिरोही, उदयवीर सिंह व अन्य अधिकारियों ने बिनौेली, सिंधावली,पिलाना,ढिकौली, तेडा,तितावाडा,फतेहपुर पुठठी, बिजवाडा,अट्टा,चिन्दौडी,भदौडा, उकसिया,सतवाई,अरनावली, आजमपुर,जटपुरा,डूंगर व पूठखास में पौधा व पेड़ी गन्ना खेतों में भ्रमण किया। उनके द्वारा खेतों में गन्ना फसल की जांच करते हुए

गन्ना फसल की अच्छी बढ़वार पाई गई। इस वर्ष नमी व असमय वर्षा ज्यादा होने के कारण पौधा गन्ना को फुटाव का समय व तापक्रम कम मिल पाया है। मिली बग,ब्लैक बग,चोटी बेधक व कन्सुआ का नगण्य प्रकोप पाया गया। मौके पर उपस्थित कृृषकों की समस्याओं का समाधान करते हुए चोटी बेधक कीट व कन्सुआ (अंकुर बेधक) कीट की पहचान के सम्बन्ध में विस्तुत जानकारी दी। रोकथाम हेतु पौधा गन्ना के खेतोें में क्लोरेन्ट्रानिलीप्रोल 18.5 प्रतिषत 150 मि0ली0 प्रति एकड की दर से पौधों की जडोें में ड्रैंचिंग करने के पष्चात सिंचाई करने की सलाह दी गई व पेडी फसल में फरटेरा 7.50 कि0ग्रा0 प्रति एकड़ की दर से नमी की अवस्था में प्रयोग करने की सलाह दी । पेडी फसल में कण्डुवा रोग का आपतन को0 0238 में छिटपुट रूप में दर्ज किया गया।

