मेरठ संवाददाता एन 20 न्यूज
मेरठ।सरधना थाना क्षेत्र के गांव कपसाड़ निवासी नरसी पुत्र सतेंद्र गुरुवार को कड़ी पुलिस सुरक्षा के बीच सरधना तहसील पहुंचे। यहां उन्होंने उपजिलाधिकारी उदित नारायण सेंगर एवं क्षेत्राधिकारी आशुतोष कुमार से बंद कमरे में मुलाकात कर प्रशासन से घोषित सुविधाएं शीघ्र उपलब्ध कराने की मांग रखी। नरसी ने अधिकारियों को स्पष्ट किया कि वह केवल प्रशासन द्वारा किए गए आश्वासनों को पूरा कराने के उद्देश्य से ही वार्ता करने आया है।गौरतलब है कि आठ जनवरी की सुबह नरसी की बहन रूबी का गांव के ही युवक द्वारा अपहरण कर लिया गया था। घटना का विरोध करने पर नरसी की मां सुनीता पर धारदार हथियार से हमला किया गया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गई थीं। इलाज के दौरान सुनीता की मौत हो गई थी। इस घटना के बाद मामला राजनीतिक रूप से काफी संवेदनशील हो गया था। सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव, बसपा सुप्रीमो मायावती और नगीना से सांसद चंद्रशेखर आजाद ने भी इस प्रकरण को प्रमुखता से उठाया था।घटना के बाद प्रशासन ने गांव में राजनीतिक लोगों के प्रवेश पर रोक लगाते हुए 26 जनवरी तक भारी पुलिस बल तैनात किया था। वर्तमान में गांव में आंशिक छूट दी गई है, हालांकि नरसी के घर पर अब भी पुलिस पहरा बना हुआ है। जिला प्रशासन की ओर से पीड़ित परिवार को दस लाख रुपये की आर्थिक सहायता का चेक दिया गया था। इसके अलावा पिस्तौल का लाइसेंस, भूमि का पट्टा और परिवार के एक सदस्य को संविदा पर नौकरी देने का आश्वासन भी दिया गया था, जो अब तक पूरा नहीं हो सका है। इन्हीं मांगों को लेकर नरसी तहसील पहुंचा था। इस दौरान पुलिस ने सुरक्षा कारणों से मीडिया को नरसी से मिलने नहीं दिया।

