कपसाड़ कांड के बाद प्रशासन हाई अलर्ट, गांव से जेल तक सख्त निगरानी
मेरठ संवाददाता एन 20 न्यूज
मेरठ।थाना सरधना क्षेत्र के कपसाड़ गांव में दलित महिला सुनीता की निर्मम हत्या और उनकी बेटी रूबी के अपहरण की सनसनीखेज घटना के बाद सोमवार को प्रशासनिक और पुलिस स्तर पर पूरी सतर्कता देखने को मिली। हरिद्वार से बरामद की गई रूबी को मेडिकल कॉलेज स्थित आशा ज्योति केंद्र से कड़ी सुरक्षा के बीच उसके परिजनों के साथ गांव के लिए रवाना किया गया। इस दौरान पुलिस की कई गाड़ियां सुरक्षा घेरे में साथ चलीं।सोमवार सुबह से ही मेडिकल कॉलेज परिसर स्थित आशा ज्योति केंद्र को छावनी में तब्दील कर दिया गया था। किसी भी अप्रिय घटना की आशंका को देखते हुए महिला पुलिस समेत पर्याप्त संख्या में फोर्स तैनात रही। पूरे दिन केंद्र के बाहर और आसपास संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखी गई।सीओ सिविल लाइन ने लिया सुरक्षा व्यवस्था का जायजादोपहर के समय क्षेत्राधिकारी सिविल लाइन अभिषेक तिवारी स्वयं मेडिकल कॉलेज पहुंचे। उन्होंने आशा ज्योति केंद्र के भीतर और बाहर की सुरक्षा व्यवस्था का गहन निरीक्षण किया। अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए कि रूबी की सुरक्षा में किसी भी प्रकार की चूक न हो और उसकी घर वापसी पूरी तरह सुरक्षित माहौल में कराई जाए।प्रशासन इस बात को लेकर विशेष रूप से सतर्क रहा कि घटना को लेकर गांव और आसपास के क्षेत्रों में किसी प्रकार का तनाव या अफवाह न फैले। इसके लिए लगातार पुलिस गश्त और खुफिया निगरानी जारी रखी गई।शाम सात बजे काफिले के साथ रवाना हुई रूबीशाम करीब सात बजे रूबी को उसके भाई नरसी और पिता सतेंद्र के साथ कार में बैठाया गया। इसके बाद पुलिस की कई गाड़ियों के काफिले के साथ उन्हें गांव कपसाड़ के लिए रवाना किया गया। रास्ते भर सुरक्षा बल अलर्ट मोड पर रहा। गांव पहुंचने तक पुलिस की मौजूदगी बनाए रखने के निर्देश पहले से ही जारी कर दिए गए थे।बताया गया कि गांव में भी अतिरिक्त पुलिस बल तैनात है ताकि किसी भी तरह की अप्रिय स्थिति से तत्काल निपटा जा सके।जेल में नए बंदियों की बैरक में रखा गया आरोपी पारस सोमदूसरी ओर, हत्याकांड के मुख्य आरोपी पारस सोम को जेल में कड़ी निगरानी के बीच रखा गया है। जेल वरिष्ठ अधीक्षक डॉ. वीरेश राज शर्मा ने बताया कि पारस को नए बंदियों की बैरक में स्थान दिया गया है। जेल प्रशासन की ओर से उसे कंबल, बर्तन और अन्य जरूरी सामान उपलब्ध कराए गए हैं।जेल सूत्रों के अनुसार पारस ने जेल में अपनी पहली रात अपेक्षाकृत शांत तरीके से बिताई। वह काफी देर तक सोता रहा और सुबह उसकी स्वास्थ्य जांच समेत सभी आवश्यक औपचारिकताएं पूरी कर ली गईं।खुद को नाबालिग बताकर मांगी मददजेल प्रशासन ने यह भी पुष्टि की है कि पारस सोम ने खुद को नाबालिग बताते हुए इस संबंध में सहायता की मांग की है। उसके इस दावे को लेकर जेल प्रशासन द्वारा नियमानुसार बयान दर्ज कर लिया गया है और संबंधित अधिकारियों को सूचना भेज दी गई है। आगे की कार्रवाई विधिक प्रक्रिया के तहत की जाएगी।हरिद्वार से हुई थी बरामदगीउल्लेखनीय है कि कपसाड़ गांव में दलित महिला सुनीता की हत्या कर उनकी बेटी रूबी का अपहरण कर लिया गया था। इस घटना ने पूरे क्षेत्र में सनसनी फैला दी थी। पुलिस ने तेजी से कार्रवाई करते हुए हत्यारोपी पारस सोम और रूबी को हरिद्वार से बरामद कर लिया था।पारस को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया, जबकि रूबी को सुरक्षा और काउंसलिंग के उद्देश्य से आशा ज्योति केंद्र में रखा गया था।गांव में अब भी सतर्कता बरकरारघटना की संवेदनशीलता को देखते हुए कपसाड़ गांव और आसपास के इलाकों में पुलिस और प्रशासन पूरी तरह अलर्ट है। अधिकारियों का कहना है कि स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और कानून-व्यवस्था बिगाड़ने की किसी भी कोशिश को सख्ती से रोका जाएगा।प्रशासन की प्राथमिकता पीड़ित परिवार की सुरक्षा, शांति व्यवस्था बनाए रखना और मामले की निष्पक्ष जांच को आगे बढ़ाना है।

