पुलिस हिरासत के बाद मेडिकल जांच के लिए भेजा:- स्वस्थ पाए जाने पर एसडीएम उदित नारायण सेंगर दर्ज कराएंगे
मेरठ संवाददाता एन 20 न्यूज
मेरठ।प्रशासनिक कार्यों में लापरवाही और बीमारी का बहाना बनाकर ड्यूटी से बचने वाले अधिकारियों के खिलाफ एसडीएम सरधना उदित नारायण सेंगर ने बेहद सख्त रुख अख्तियार कर लिया है। मेरठ खंड-3 में तैनात खंड शिक्षा अधिकारी (बीईओ) श्याम मोहन अस्थाना, जिन्हें सरधना क्षेत्र में एसआईआर के महत्वपूर्ण कार्य की जिम्मेदारी सौंपी गई थी, अब मुश्किलों में घिर गए हैं। सोमवार को एसडीएम के निर्देश पर उन्हें थाना पुलिस के सुपुर्द कर दिया गया और देर शाम तहसील की टीम उन्हें मेडिकल परीक्षण के लिए ले गई।पूरा मामला प्रशासनिक कार्य में बाधा डालने और भ्रामक जानकारी देने से जुड़ा है। जानकारी के अनुसार, श्याम मोहन अस्थाना पिछले तीन दिनों से बीमारी का हवाला देकर ड्यूटी पर नहीं आ रहे थे। उनके अचानक अवकाश पर जाने के चलते एसआईआर जैसे महत्वपूर्ण कार्य प्रभावित हो रहे थे, जिसे देखते हुए एसडीएम ने उनके स्थान पर दूसरे अधिकारी की तैनाती कर दी थी। हालांकि, एसडीएम को खंड शिक्षा अधिकारी की बीमारी पर संदेह था, जिसके चलते उन्होंने अपने स्तर से अस्थाना की गतिविधियों पर नजर रखनी शुरू कर दी।सोमवार को एसडीएम उदित नारायण सेंगर ने रणनीति के तहत श्याम मोहन अस्थाना को किसी जरूरी कार्य के बहाने तहसील मुख्यालय बुलाया। जैसे ही अधिकारी तहसील पहुंचे, एसडीएम ने उन्हें थाना पुलिस के हवाले कर दिया। देर शाम तक चली गहमागहमी के बीच तहसील की एक टीम अस्थाना को लेकर मेडिकल परीक्षण के लिए रवाना हुई। प्रशासन का रुख स्पष्ट है कि यदि मेडिकल रिपोर्ट में अधिकारी स्वस्थ पाए जाते हैं और उनकी बीमारी की बात झूठी निकलती है, तो सरकारी कार्य में बाधा डालने और धोखाधड़ी के आरोप में उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया जाना तय है। फिलहाल, विभाग और तहसील गलियारों में इस कार्रवाई को लेकर चर्चाओं का बाजार गर्म है।

