सरकार पर इतिहास मिटाने और लोकतंत्र दबाने का आरोप- कांग्रेस नेता एडवोकेट जितेंद्र पांचाल हाउस अरेस्ट
मेरठ संवाददाता एन 20 न्यूज
मेरठ।वाराणसी के मनिकर्णिका घाट पर राजमाता अहिल्याबाई होलकर की पवित्र प्रतिमा को क्षतिग्रस्त किए जाने की घटना को लेकर प्रदेशभर में राजनीतिक उबाल तेज हो गया है। इस घटना के विरोध में कांग्रेस द्वारा प्रस्तावित धरना-प्रदर्शन से पहले ही पुलिस प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाते हुए कई नेताओं और कार्यकर्ताओं को हाउस अरेस्ट कर लिया। सरधना में कांग्रेस नेता एडवोकेट जितेंद्र पांचाल को भी पुलिस ने नजरबंद कर दिया।हाउस अरेस्ट के दौरान मीडिया से बातचीत में एडवोकेट जितेंद्र पांचाल ने कहा कि योगी सरकार की इस कार्रवाई से पूरे प्रदेश में राजनीतिक और सामाजिक भूचाल आ गया है। केवल विपक्ष ही नहीं, बल्कि समाज के विभिन्न वर्गों में भी गहरा आक्रोश है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार सुनियोजित तरीके से पिछड़े वर्गों के महापुरुषों, उनके योगदान और गौरवशाली इतिहास को मिटाने का प्रयास कर रही है।कांग्रेस नेता जितेंद्र पांचाल ने कहा कि राजमाता अहिल्याबाई होलकर, जो मूलतः पाल–गड़रिया समाज से थीं, भारतीय इतिहास की महान शासिकाओं में से एक रही हैं। उनके न्यायप्रिय शासन, साहस और लोककल्याणकारी कार्यों ने उन्हें अमर बना दिया। काशी से लेकर सोमनाथ तक मंदिरों के पुनर्निर्माण और जनकल्याण के उनके कार्य आज भी स्वर्णाक्षरों में दर्ज हैं। ऐसे में उनकी प्रतिमा को हटाना या क्षतिग्रस्त करना केवल एक मूर्ति को नुकसान नहीं, बल्कि सामाजिक सम्मान और ऐतिहासिक विरासत पर सीधा प्रहार है।उन्होंने बताया कि जनभावनाओं को स्वर देने के लिए कांग्रेस पार्टी ने प्रदेश अध्यक्ष अजय राय के नेतृत्व में तथा राहुल गांधी के निर्देशानुसार, प्रदेश के प्रत्येक जिला और तहसील स्तर पर धरना-प्रदर्शन कर राज्यपाल को संबोधित ज्ञापन सौंपने का कार्यक्रम तय किया था। लेकिन सरकार ने जनाक्रोश से संवाद करने के बजाय पुलिस बल के जरिए उसे दबाने का रास्ता चुना।सूचना मिलते ही पुलिस प्रशासन ने तानाशाहीपूर्ण रवैया अपनाते हुए कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं को उनके घरों में ही नजरबंद कर दिया। इसी क्रम में कांग्रेस महासचिव एडवोकेट जितेंद्र पांचाल को भी रात्रि लगभग एक बजे हाउस अरेस्ट कर लिया गया। न धरना, न प्रदर्शन और न ही ज्ञापन देने की अनुमति—सरकार पर लोकतांत्रिक अधिकारों को कुचलने के आरोप लगाए जा रहे हैं।कांग्रेस का कहना है कि यह वही सरकार है जो मंचों से लोकतंत्र की दुहाई देती है, लेकिन जमीनी स्तर पर विपक्ष की आवाज़ से इतनी भयभीत है कि आधी रात में नेताओं को घरों में कैद करवा रही है। जितेंद्र पांचाल ने आरोप लगाया कि बुलडोज़र अब केवल अवैध निर्माणों पर नहीं, बल्कि असहमति, इतिहास और सम्मान पर भी चलाया जा रहा है।विरोध के दौरान कांग्रेस नगर अध्यक्ष अनीश खान ने कहा कि “राजमाता अहिल्याबाई होलकर केवल किसी एक समाज की नहीं, बल्कि पूरे भारत की धरोहर हैं। उनकी प्रतिमा को नुकसान पहुंचाना और फिर विरोध की आवाज़ को पुलिस के दम पर दबाना सरकार की असली सोच को उजागर करता है।”इस मौके पर चेतन कश्यप, रियाज खान, जाहिद अंसारी, चांद खान, इरफान निजामी, सोनू, सलाउद्दीन, शकील अहमद, सहमशाद अंसारी, सलीम, निसार, शाहनवाज मिर्जा, शब्बीर अंसारी, अनीस अंसारी सहित अनेक कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने सरकार के प्रति अपना रोष व्यक्त किया।कुल मिलाकर, मनिकर्णिका घाट की यह घटना अब केवल प्रतिमा क्षति तक सीमित नहीं रह गई है, बल्कि यह बड़ा सवाल बनकर सामने आ गई है कि क्या प्रदेश में इतिहास, सम्मान और लोकतांत्रिक अधिकार भी अब सरकार की अनुमति से ही सांस लेंगे।

