गंदगी, अंधेरा और टूटी व्यवस्था के बीच ट्रस्ट पदाधिकारियों ने खुद उठाया झाड़ू,
मेरठ संवाददाता एन 20 न्यूज़
सरधना (मेरठ) देश के वीर सपूत और परमवीर चक्र विजेता शहीद अब्दुल हमीद की जयंती के अवसर पर जहां पूरे देश में उनके बलिदान को याद कर श्रद्धांजलि दी जा रही थी, वहीं मेरठ जनपद के सरधना कस्बे में स्थित वीर अब्दुल हमीद पार्क की हालत देख हरियाली संरक्षक ट्रस्ट के पदाधिकारी स्तब्ध रह गए। पार्क में फैली गंदगी, ख़राब पड़े फव्वारे, खराब लाइटिंग और पूरी तरह से उपेक्षित व्यवस्था ने इस पुण्य अवसर को कलंकित कर दिया।हरियाली संरक्षक ट्रस्ट द्वारा वीर अब्दुल हमीद की जयंती पर पौधारोपण एवं स्वच्छता अभियान आयोजित किया गया था। कार्यक्रम स्थल पर जब ट्रस्ट पदाधिकारी पहुंचे तो उन्होंने देखा कि पार्क की सफाई नहीं हुई है, चारों ओर कूड़ा फैला है, बिजली की कोई व्यवस्था नहीं है और न ही पीने के पानी जैसी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध हैं।इस उपेक्षा के बावजूद ट्रस्ट के पदाधिकारियों ने कार्यक्रम रद्द नहीं किया, बल्कि इसे अवसर बनाकर देशभक्ति और सेवा की मिसाल पेश की। अध्यक्ष रिहान मलिक की अगुवाई में नगर अध्यक्ष दानिश क़स्सार, डॉ. सोनवीर, मनोज कुमार पाल, हनीफ राणा, डॉ. वाली उर्राह्मन, साजिद मलिक, एडवोकेट जियाउर रहमान और शहजाद अंसारी ने स्वयं झाड़ू उठाकर सफाई अभियान शुरू किया।कार्यक्रम के दौरान ट्रस्ट पदाधिकारियों ने कड़ी मेहनत से पूरे पार्क की सफाई कराई, चूना डलवाया, पानी का छिड़काव करवाया और फिर पूरे सम्मान के साथ पौधारोपण किया गया। उन्होंने वीर शहीद अब्दुल हमीद को ससम्मान श्रद्धांजलि अर्पित की।ट्रस्ट के नगर अध्यक्ष डेनिश क़स्सार ने कहा,”शहीदों की जयंती पर नगर पालिका का यह रवैया केवल लापरवाही नहीं, बल्कि अपमान है। ऐसे महान सपूतों के नाम पर बने पार्कों को यदि साफ-सुथरा और सम्मानजनक नहीं रखा जा सकता तो यह हमारी जिम्मेदारियों पर भी सवाल खड़े करता है।”हरियाली संरक्षक ट्रस्ट ने साफ शब्दों में नगर पालिका को चेताया है कि यदि भविष्य में भी इस तरह की लापरवाही बरती गई, तो सामाजिक संगठनों और आम जनता को साथ लेकर एक बड़ा आंदोलन किया जाएगा। ट्रस्ट का कहना है कि वीर शहीदों के सम्मान से कोई समझौता नहीं किया जाएगा।ट्रस्ट के अध्यक्ष रिहान मलिक ने कहा कि हरियाली संरक्षक ट्रस्ट न केवल पर्यावरण को लेकर कार्य कर रहा है, बल्कि सामाजिक चेतना और देशभक्ति को भी जनमानस तक पहुंचाने का काम कर रहा है।”हम पौधे लगाकर सिर्फ हरियाली नहीं उगाते, हम सोच भी उगाते हैं – एक जिम्मेदार, संवेदनशील और सजग समाज की सोच।

