मेरठ संवाददाता एन 20 न्यूज
मेरठ।नगर पालिका सरधना की टीम ने मंगलवार दोपहर सेंट चार्ल्स इंटर कॉलेज के सामने स्थित मोहल्ला घोसियान में अतिक्रमण हटाने के नाम पर बड़ी कार्रवाई करते हुए एक दुकान पर बुलडोजर चला दिया। कार्रवाई के दौरान नगर पालिका का पूरा अमला, बुलडोजर, ट्रैक्टर-ट्रॉलियों के साथ मौके पर मौजूद रहा, जिससे क्षेत्र में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।जैसे ही नगर पालिका की टीम मौके पर पहुंची, अमीरुद्दीन की दुकान को तोड़ने की कार्रवाई शुरू कर दी गई। अमीरुद्दीन ने अपनी दुकान को लगभग 30 वर्ष पुराना निर्माण बताते हुए संबंधित भूमि का बैनामा अधिकारियों को दिखाने का प्रयास किया, लेकिन उसका आरोप है कि अधिकारियों ने दस्तावेज देखने से ही इनकार कर दिया। पीड़ित का कहना है कि उसकी दुकान वर्षों से संचालित थी और अब तक कभी भी इसे अवैध नहीं बताया गया।अमीरुद्दीन ने नगर पालिका पर एकतरफा कार्रवाई का आरोप लगाते हुए कहा कि यदि उसकी दुकान नगर पालिका की नजूल भूमि पर बनी थी, तो उसी भूमि पर बनी आसपास की अन्य दुकानों और निर्माणों पर कार्रवाई क्यों नहीं की गई। पीड़ित के अनुसार एक ही बैनामे में कुल पांच अन्य लोगों के नाम भी दर्ज हैं, लेकिन कार्रवाई केवल उसकी दुकान पर की गई, जिससे भेदभाव की आशंका गहराती है।पीड़ित ने बताया कि जिस भूमि पर उसकी दुकान स्थित थी, उसका बैनामा शाहिद पुत्र वजीर, फरीदुद्दीन पुत्र अब्दुल हमीद, मोहम्मद तय्यब पुत्र अब्दुल मजीद, रफीक पुत्र हाजी मोहम्मद नसरु तथा अमीरुद्दीन पुत्र रहमतुल्ला, निवासीगण मोहल्ला घोसियान के नाम दर्ज है। इसके बावजूद नगर पालिका की कार्रवाई केवल एक ही दुकान तक सीमित रही। कार्रवाई के दौरान स्थानीय लोगों ने भी विरोध जताया और नगर पालिका की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। देखते ही देखते मौके पर काफी देर तक हंगामे जैसी स्थिति बनी रही। हालांकि नगर पालिका की टीम ने किसी की नहीं सुनी और बुलडोजर से दुकान को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया। तोड़फोड़ के बाद दुकान का सारा मलबा नगर पालिका द्वारा साथ लाई गई ट्रैक्टर-ट्रॉलियों में भरकर मौके से हटवा दिया गया।मौके पर मौजूद नगर पालिका की अधिशासी अधिकारी दीपिका शुक्ला एवं लिपिक मनोज कुमार ने बताया कि कार्रवाई नगर पालिका की नजूल भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराने के तहत की गई है। उन्होंने कहा कि अन्य दुकानों और निर्माणों की भी जांच कराई जाएगी और यदि वे भी नजूल भूमि पर बने पाए गए, तो उनके खिलाफ भी नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। वहीं पीड़ित अमीरुद्दीन का कहना है कि उसे न तो कोई पूर्व सूचना दी गई और न ही अपना पक्ष रखने का पर्याप्त अवसर मिला। उसने प्रशासन से निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए कहा कि यदि उसकी दुकान अवैध है, तो उसी भूमि पर बने सभी अन्य निर्माणों पर भी समान कार्रवाई होनी चाहिए। नगर पालिका की इस कार्रवाई से क्षेत्र के व्यापारियों और स्थानीय लोगों में रोष व्याप्त है। लोगों का आरोप है कि बिना पूर्व सूचना और चयनित कार्रवाई से आम जनता का प्रशासन पर भरोसा कमजोर होता है। फिलहाल नगर पालिका की इस कार्रवाई को लेकर नगर में चर्चा का विषय बना हुआ है।

