मेरठ संवाददाता एन 20 न्यूज
मेरठ। स्वामी विवेकानंद सुभारती विश्वविद्यालय के ललित कला संकाय के मंच कला विभाग के द्वारा ताल एवं लय की महत्त्वता संगीत और नृत्य के संदर्भ में व्याख्यान का आयोजन किया गया। इस व्याख्यान के वक्ता लखनऊ से आये उ0प्र0 संगीत नाटक अकादमी के सदस्य एवं सुप्रसिद्ध तबला वादक डॉ0 मदन मोहन लाल ने अपने वक्तव्य से सभी छात्रों का ज्ञानवर्धन किया।ललित कला संकाय के प्राचार्य प्रो पिन्टू मिश्रा, मुख्य वक्ता डॉ. मदन मोहन लाल, सुभारती डिफेन्स एकेडमी के निदेशक कर्नल राजेश त्यागी व मंच कला विभागाध्यक्षा डॉ. भावना ग्रोवर के द्वारा मां सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया।दीप प्रज्वलन के बाद विभाग की छात्रा रिया यादव और वान्या भगत के द्वारा राग कलावती में तराना नृत्य की प्रस्तुति दी गई व विभाग के ही छात्र ज्योती कृष्णा ने राग मिश्र चारूकेशी में भजन प्रस्तुत किया। छात्रों के साथ संगत पर विभाग के ही सदस्य डॉ. इन्द्रेश मिश्रा हारमोनियम पर व अभिषेक मिश्रा तबले की संगत पर रहे।लखनऊ से आए मुख्य वक्ता डॉ. मदन मोहन लाल ने छात्रों को बताया कि किस तरह से एक छात्र सफल कलाकार और शिक्षक बन सकता हैं

उन्होंने इस विषय पर कुछ तथ्यों को भी साझा किया। उन्होंने यंत्र, मंत्र और तंत्र तीनों को ही संगीत के लिए अति आवश्यक बताया। उन्होनें अंत में यह भी कहा कि संगीत संख्या का नही गुंढ़ ज्ञान का विषय हैं, इसलिए संगीत का निरंतर अभ्यास से इसके गुणों को आत्मसात करे।उनके कार्यक्रम के अंत में संकाय के प्राचार्य प्रो. पिंटू मिश्रा ने विश्वविद्यालय की और से विशिष्ट वक्ता को पटका, पादप, स्मृति चिन्ह व उपहार देकर उनको सम्मानित किया।विभागाध्यक्ष डॉ भावना ग्रोवर ने कार्यक्रम के मुख्य वक्ता का धन्यवाद ज्ञापित किया। मंच संचालन विभाग की सह-आचार्य डॉ. श्वेता चौधरी द्वारा किया गया। इस कार्यक्रम में मंच कला विभाग के सभी सदस्यों डॉ श्वेता चौधरी, डॉ इंद्रेश मिश्रा, अभिषेक मिश्रा, डॉ दीपक, निशि चौहान, श्वेता सिंह, मेहराज खान, अक्षय शर्मा व फरदीन हुसैन का विशेष योगदान रहा।

