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मेरठ संवाददाता एन 20 न्यूज
राजकीय बसीलिका का दर्जा प्राप्त ऐतिहासिक सरधना चर्च में कृपाओं की माता महोत्सव के दौरान देश के विभिन्न प्रांतों से आए लाखों श्रद्धालुओं ने माता मरियम की चमत्कारी तस्वीर के समक्ष शीश नवाए। इस अवसर पर झांसी धर्मप्रान्त के बिशप विल्फ्रेड मोरस ने समारोही प्रार्थना कराई, जिसमें बीमारों के स्वस्थ होने के साथ साथ शांति और समृद्धि की कामना की गई। दोपहर बाद तीन बजे चर्च से बेगम समरू के महल तक शोभायात्रा निकाली गई। नवंबर माह के दूसरे रविवार को होने वाले इस भव्य आयोजन में शामिल होने के लिए कई दिन से विश्वासियों ने टेंट आदि लगाकर चर्च परिसर और विभिन्न संस्थाओं में डेरा डाल लिया था। बताते चलें कि बेगम समरू द्वारा बनवाए गए भव्य सरधना चर्च को कृपाओं की माता के तीर्थ का दर्जा प्राप्त है। जिसमें लगी तस्वीर के बारे में विश्वास है कि यहां शीश नवाने वालों की सभी मन्नत पूरी होती हैं। कृपाओं की माता की चमत्कारी तस्वीर के दर्शन करके शीश नवाने और मन्नत मांगने के लिए रात्रि से ही विश्वासी कतारबद्ध होकर अपनी बारी का इंतजार करने लगे। जिन्हें मुख्य प्रवेश द्वार से चमत्कारी तस्वीर के दर्शन करने के लिए घंटों तक इंतजार करना पड़ा। यह सिलसिला रविवार दोपहर तक जारी रहा। इस दौरान चर्च परिसर में बनाए गए भव्य पंडाल में मुख्य समारोही प्रार्थना सभा का आयोजन किया गया। जिसमें झांसी धर्मप्रान्त के बिशप विल्फ्रेड मोरस और मेरठ धर्मप्रान्त के बिशप भास्कर जेसुराज और विभिन्न गिरजाघरों से आए फादर्स ने धार्मिक अनुष्ठान कराया। इस अवसर पर मुख्य अतिथि बिशप विल्फ्रेड मोरस ने माता मरियम की महिमा और उनके चमत्कार पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि प्रभु यीशु की माता मरियम सभी विश्वासियों पर अपनी कृपा बरसाती हैं।उन्होंने इस अवसर पर बीमारों और धार्मिक वस्तुओं पर आशीष देते हुए सभी के स्वास्थ्य, सुख समृद्धि और शांति के लिए प्रार्थना कराई। उनके साथ मेरठ धर्म प्रांत के विषय भास्कर जेसुराज पल्ली पुरोहित मार्टिन रावत, फादर वैलेरियन पिंटू फादर पीटर प्रकाश और मेरठ में धर्मप्रांतों से आए विभिन्न फादर ने प्रार्थना सभा में धार्मिक क्रियाएं पूर्ण कराई। दोपहर बाद तीन बजे चर्च परिसर से भव्य शोभायात्रा निकाली गई। इसमें झांसी के बिशप विल्फ्रेड मोरस संत पोप द्वारा सरधना चर्च के लिए भेंट किए गए सलीब के तबर्रुक को अपने हाथों में थामकर चले। शोभायात्रा में विभिन्न गिरजाघरों से आए फादर्स के साथ हजारों की संख्या में ब्रदर्स, सिस्टर्स और विश्वासियों ने भाग लिया। चर्च रोड से मेला परिसर होते हुए शोभायात्रा बेगम समरू के महल पहुंची, जहां वर्तमान में सेंट चार्ल्स इंटर कॉलेज है। इस दौरान कॉलेज परिसर में भी प्रार्थना सभा आयोजित की गई।इस अवसर पर चर्च के बाहर लगाए गए मेले में श्रद्धालुओं ने अपनी जरूरत के सामान की जमकर खरीदारी की। विभिन्न व्यवस्थाओं के लिए नगर पालिका प्रशासन के साथ ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों के कैंप लगाए गए। स्वास्थ्य विभाग ने चिकित्सा शिविर लगाया। हरियाणा, पंजाब, दिल्ली, जम्मू कश्मीर समेत विभिन्न स्थानों से आए श्रद्धालुओं ने लंगर लगाकर जनसेवा करते हुए धर्मलाभ अर्जित किया। इस अवसर पर पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों के साथ-साथ चेयरमैन शबीला अंसारी, उनके पति निजाम अंसारी, ईओ दीपिका शुक्ला, थाना प्रभारी दिनेश प्रताप सिंह, मेला इंचार्ज उदयवीर सिंह, इंस्पेक्टर पंकज कुमार सिंह, क्राइम इंस्पेक्टर शत्रुघन यादव, किठौर थाना प्रभारी प्रताप सिंह और नगर के विभिन्न गणमान्य व्यक्तियों ने सहयोग किया।

सरधना में आयोजित पारंपरिक मेले को शांतिपूर्ण और सुरक्षित वातावरण में संपन्न कराने के लिए पुलिस प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद रहा। एसपी देहात अभिजीत कुमार ने बताया कि आयोजन से पहले ही सुरक्षा व्यवस्था को लेकर विस्तृत योजना तैयार की गई थी। जनपद के विभिन्न थानों से अतिरिक्त पुलिस बल सरधना भेजा गया, ताकि भीड़ नियंत्रण से लेकर कानून व्यवस्था बनाए रखने तक किसी भी स्थिति में तुरंत कार्रवाई की जा सके।मेले की निगरानी के लिए जगह-जगह अत्याधुनिक सीसीटीवी कैमरे लगाए गए, जिनकी मदद से भीड़भाड़ वाले इलाकों पर विशेष नजर रखी गई। सुरक्षा के मद्देनजर महिला और पुरुष पुलिसकर्मियों को वर्दी और शादी वर्दी दोनों में तैनात किया गया था, जिससे हर वर्ग के लोग बिना किसी भय के मेले का आनंद ले सकें।सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए घुड़सवार पुलिसकर्मियों को भी मेले में गश्त के लिए लगाया गया। टावर ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मी ऊंचाई से पूरे क्षेत्र की निगरानी करते रहे और किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर तुरंत प्रतिक्रिया देने को तैयार रहे। पुलिस की टीम लगातार भीड़ में घूमकर लोगों को सुरक्षा का एहसास कराती रही।एसपी देहात अभिजीत कुमार ने मेले के शांतिपूर्ण और सफल आयोजन पर संतोष जताते हुए सभी अधिकारियों, कर्मचारियों, स्वयंसेवकों और स्थानीय लोगों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि जनता के सहयोग और प्रशासन की सतर्कता के कारण मेला बिना किसी व्यवधान के सकुशल संपन्न हुआ है।


